भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा, एमबी डीएवी विद्यालय, लोहरदगा में प्राचार्य जीपी झा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर हवन तथा अन्य सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महर्षि दयानंद सरस्वती आधुनिक भारत के महान चिंतक तथा आर्य समाज के संस्थापक थे। उनका बचपन का नाम मूलशंकर था। उन्होंने वेदों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से मुंबई में आर्य समाज की स्थापना की। “वेदों की ओर लौटो” उनका प्रमुख संदेश था। उन्होंने कर्म, सिद्धांत, पुनर्जन्म और संन्यास को अपने दर्शन का आधार बनाया। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि जी के चित्र के समक्ष प्राचार्य, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा विद्यार्थियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शिक्षक श्रवण कुमार पाठक ने भजन प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। धर्म शिक्षक जे. मेहेर तथा कक्षा नौवीं की छात्रा अपूर्वा वैभवी ने स्वामी दयानंद के जीवन एवं उनके समाज सुधार संबंधी कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महर्षि दयानंद सरस्वती के प्रेरणादायी जीवन और उनके आदर्शों से अवगत कराना था। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।


