भास्कर न्यूज | बाड़मेर भारत-पाक बॉर्डर से इलाके के गांवों में एक पंचायत ऐसी भी है, जो नवीन बिल्डिंग और विकास कार्यों को लेकर चर्चा में है। सेड़वा तहसील क्षेत्र की गुल्ले की बेरी पंचायत 2019 में पंचायत पुनर्गठन में शोभाला दर्शान से अलग होकर बनी है। सरपंच जीया देवी ने करीब ढाई करोड़ रुपए खर्च करके पंचायत की दो मंजिला बिल्डिंग बनाई है। खासियत ये है कि पंचायत की पूरी बिल्डिंग एयरकंडीशनर है। सरपंच, वीडीओ, वेटिंग हॉल और कॉन्फ्रेंस हॉल भी वातानुकूलित है। बाड़मेर जिले में धोरों के बीच बनी गुल्ले की बेरी पंचायत की बिल्डिंग किसी राज परिवार के राजमहल जैसी दिखती है। पंचायत अंदर से जिला स्तर के लेवल जैसी सुविधाओं का वातानुकूलित कॉन्फ्रेंस हॉल है। इसमें 100 लोग एक साथ शामिल हो सकते है। इस बिल्डिंग को 70 वर्षीय बुजुर्ग सरपंच जीयो देवी ने बनाया है। इस पंचायत की बनावट कुछ ऐसी हुई है कि लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। खास बात तो यह है कि ये भारत-पाक बॉर्डर इलाका है। ऐसे दुर्गम इलाके में बनी पंचायत बिल्डिंग ने बड़े शहरों की ग्राम पंचायतों को भी पीछे छोड़ दिया है। सरपंच पुत्र रघुनाथराम का कहना है कि 1952 के बाद उनके ही परिवार के लिए अधिकांश समय सरपंच रहे है। शुरूआत में उनके दादा वीरधाराम 20-25 साल तक सरपंच रहे। इसके बाद रामलाल सरपंच रहे। उसके बाद उनकी माता जीयो देवी निर्विरोध सरपंच बनी। तब ग्राम पंचायत शोभाला दर्शान थी। इसके बाद 2019 में शोभाला दर्शान ने अलग होकर गुल्ले की बेरी पंचायत बनी। इसमें सात रेवन्यू गांव है। पंचायत में 12वीं तक की स्कूल है। पशु अस्पताल है। ग्राम सेवा सहकारी समिति है। सेड़वा पंचायत समिति मुख्यालय से महज 10 किमी. ही दूर है। पंचायत को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आने वाली पीढिय़ां भी याद रखे। इसके भवन में 100 लोगों के बैठने की क्षमता का कॉन्फ्रेंस हॉल है, जो सेड़वा-चौहटन तहसील स्तर पर भी नहीं है। इसके अलावा ग्रामीणों के लिए सोफे लगा वेटिंग हॉल है। वहीं सरपंच और वीडियो-पटवारी के लिए भी आधुनिक वातानुकूलित कमरे है। पंचायत में रसोई घर भी बनाया गया है। एक व्यक्ति की परमानेंट ड्यूटी है। पंचायत के बाहर गार्डन है। जहां फव्वारे और लाइटिंग है। 4 बीघा जमीन सरपंच परिवार ने पंचायत के लिए जमीन दान की थी। जिस पर यह बिल्डिंग बनाई गई।


