राजनांदगांव में मंगलवार को होलिका दहन का पर्व पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया गया। चंद्रमौलेश्वर महाकाल मंदिर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इस बार परंपरा के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। महाकाल मंदिर में इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए लकड़ी के स्थान पर गोबर से निर्मित कंडों का उपयोग कर होलिका दहन किया गया। मंदिर प्रशासन के राजेश डागा और पवन डागा ने बताया कि इसका उद्देश्य वायु प्रदूषण कम करना और पेड़ों को कटने से बचाना है। श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। होलिका दहन के अवसर पर मंदिर प्रांगण में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान भक्तों ने गुलाब की पंखुड़ियों और गेंदे के फूलों से होली खेली। प्राकृतिक रंगों और गुलाल से तिलक लगाकर एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। शहर में सैकड़ों स्थानों पर होलिका दहन किया गया, जहां महिलाओं और पुरुषों ने विधि-विधान से होलिका का पूजन किया। गजलाइन क्षेत्र में भी होलिका दहन का भव्य आयोजन हुआ। यहां खंडेलवाल समाज और माहेश्वरी समाज के प्रतिनिधियों ने होलिका का पूजन किया। पूजन के बाद सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।


