भारतीय सेना ने दर्जनों तोपें एक साथ गरज उठीं। अपाचे हेलीकॉप्टर और ड्रॉन से भीषण बमबारी कर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर दिया। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान की खड़गा कोर ने पहली बार महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में चक्रव्यूह रचकर दुश्मन को ढेर करने की रणनीति का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही युद्धाभ्यास ‘खड़ग शक्ति 2026’ का समापन हो गया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पश्चिमी कमान की अब तक की सबसे बड़ी हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट ड्रिल माना जा रही है, जिसमें तकनीक-आधारित युद्ध, ड्रोन ऑपरेशन्स, एयरबोर्न क्षमता और इंटीग्रेटेड फायरपावर का व्यापक प्रदर्शन किया गया। खड़ग शक्ति 2026 में ड्रोन टेक्नोलॉजी को केंद्रीय स्थान दिया गया। स्वार्म ड्रोन, ‘खड्गा’ ड्रोन और भारतीय सेना द्वारा विकसित ‘ऐरावत’ ड्रोन के साथ टेथर्ड ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। ड्रोन के झुंड ने समन्वित हमले की रणनीति, लक्ष्य पहचान, निगरानी और प्रहार क्षमता आधुनिक युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाई।


