महात्मा-गांधी के पड़पोते बोले-बीजेपी नेता अंबेडकर को टारगेट कर रहे:वो बाबा साहेब के दिए संविधान को हटाकर मनुस्मृति को अपना संविधान बनाना चाहते

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी शुक्रवार को जयपुर में रहे। यहां उन्होंने कहा- हमारी बदनसीबी है कि जो हमारे महापुरुष लीडर थे। इतिहास में उनका पॉलिटिकल उपयोग करते आए हैं। आज कल ज्यादा जोर-शोर से उपयोग किया जा रहा है। यह इसलिए भी किया जा रहा है, क्योंकि संघ परिवार की तरफ से सुनियोजित तरीके से षड़यंत्र रचा गया है। इसमें वे लोग महापुरुषों की प्रतिष्ठा पर अटैक करते रहते हैं। सोशल मीडिया पर बापू पर अटैक किए जाते है। हर दिन नया-नया आरोप लगाया जाता है। तुषार गांधी झालाना स्थित प्रौढ़ शिक्षण केंद्र में सुधांशु मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘समकाल’ के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा- इन दिनों बीजेपी नेताओं की ओर से संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भी टारगेट किया जा रहा है। क्योंकि मनुस्मृति के पूर्व उपासक जो लोग बाबा साहेब के संविधान की वकालत लगातार करते आए हैं। वो लोग बाबा साहेब के दिए संविधान को हटाकर मनुस्मृति को अपना संविधान बनाना चाहते हैं। वो लोग सुनियोजित षड़यंत्र के मुताबिक यह अटैक कर रहे हैं। आगे पढ़िए मीडिया से तुषार गांधी की बातचीत… सवाल – समय-समय पर बीजेपी नेता महात्मा गांधी पर भी बयानबाजी करते हैं, टिप्पणी करते हैं? जवाब – वो उनकी फितरत ही है। उन्होंने कभी बापू को माना ही नहीं। उन्होंने बापू को हमेशा अपने मकसदों का दुश्मन समझा है। बापू की हत्या करवाने के बाद उनको यह एहसास हुआ कि वो आदमी था, उनसे ज्यादा उनके विचार ताकतवर रहे हैं। उनके विचार खत्म करने के लिए 75 साल से मुहीम चलाई है। उन्होंने कहा- जब उनकी सत्ता है तो उनको लगता है, जो भी करना चाहे कर सकते हैं। ये लोग बेकाबू हो गए हैं। बीजेपी और संघ के लोग बापू का अपमान भी करते हैं। वे लोग बापू की भक्ति करने का नाटक करते हैं। सवाल – लोकतंत्र में मौजूदा पार्लियामेंट की क्या स्थित है? जवाब – इन लोगों ने पार्लियामेंट को भी पंगु कर दिया है। पार्लियामेंट में जिस तरीके से हंगामे और तमाशे खड़े किए जाते हैं। इस तरीके से पार्लियामेंट के प्रोसेस को सेशन टू सेशन खारिज कर दिया जाता है। जो बताता है कि वो लोग नागरिकों की नजर में पार्लियामेंट की अहमियत और पार्लियामेंट की डेमोक्रेसी की शक्ति को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं। जो पिछले 8 सालों से ज्यादा शोरों से दिखाई दे रहा है। सुनियोजित तरीके से हर सेशन से पहले विरोधी पक्षों को उकसाने के लिए सत्ताधारी पार्टी ऐसी कोई घटना कर देती है। इससे वो जानती है कि आने वाले सेशन को पूरी तरीके से खारिज कर सकेंगे। सवाल – देश में आर्थिक शक्ति केंद्रित की जा रही है। जवाब – आर्थिक शक्ति मिथ्या है। क्योंकि जिस डॉलर के भाव के ऊपर जाने से गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री को चिंता होती थी। वो कहते थे कि जहां विदेश मुद्रा के मूल्य के सामने रुपया गिरता जा रहा है। वहां का मुखिया निकम्मा होता है। वो बेशर्मी से आज 85 रुपए के ऊपर चला गया है। अंधे और बेहरे बनकर नाटक कर रहे है।

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