छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में महादेव सट्टा ऐप की तरह राजारानी सट्टा ऐप का खुलासा हुआ है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड मधुर जैन (22 को गिरफ्तार कर लिया है। मधुर जैन अपने सहयोगियों के साथ क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगवाता था। मधुर जैन ने अपने साथियों प्रकाश केवट, हर्ष जायसवाल, रितेश सुल्तानिया, योगेश देवांगन, विनायक ताम्रकार, अजय यादव, जितेंद्र सोनवानी, राजकुमार कश्यप, राहुल कोरी, और अनुराग सोनी के साथ मिलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाया। फर्जी वेबसाइट बनाकर मोटी रकम की वसूली सट्टेबाजी के लिए फर्जी वेबसाइट “Rajaranibook” तैयार की गई और Picsart ऐप के जरिए आकर्षक पोस्टर बनाकर Telegram और Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाले गए। गिरोह ने फर्जी बैंक खाते, ATM कार्ड, और सिम कार्ड का उपयोग कर लोगों से मोटी रकम वसूली। घटना का खुलासा और गिरफ्तारी पुलिस ने 14 मई 2024 को दिल्ली और लखनऊ के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान छपराटोला, पेंड्रा में छापा मारकर गिरोह के सदस्य प्रकाश और हर्ष जायसवाल को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी मधुर जैन और उसका साथी रितेश सुल्तानिया तब से फरार चल रहे थे। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपने अपराध कबूल किए और गिरोह की संपूर्ण गतिविधियों का खुलासा किया। आरोपी का अपराध कबूलनामा मधुर जैन ने स्वीकार किया कि उसने और उसके साथियों ने फर्जी दस्तावेजों और सिम कार्ड का उपयोग कर ऑनलाइन सट्टा चलाया। उसने स्काई एक्सचेंज.कॉम जैसी बेटिंग साइट पर मास्टर आईडी बनाकर गिरोह का संचालन किया। ऑनलाइन सट्टा लेन-देन के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड खरीदे गए। मधुर ने अपने पास वनप्लस 9 प्रो और आईफोन 14 प्रो मोबाइल फोन, एचपी लैपटॉप, और ऐप्पल टैबलेट होने की बात स्वीकार की, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपियों पर धाराएं आरोपियों पर छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 06, 07, 08 और भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120बी, 465, 467, 468, 471 और आईटी एक्ट की धारा 66सी, 66डी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इन लोगों की रही अहम भूमिकाल पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि गिरोह के सभी अन्य सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मास्टरमाइंड मधुर जैन की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले का पर्दाफाश हो चुका है। गिरफ्तारी और बरामदगी में निरीक्षक नवीन बोरकर, उप निरीक्षक सुरेश ध्रुव, सहायक उप निरीक्षक सहस राम रजक, आरक्षक राजेश शर्मा, सुरेन्द्र विश्वकर्मा की विशेष भूमिका रही।


