15 फरवरी महाशिवरात्रि के अवसर पर रायसेन में भोजपुर शिव मंदिर और किले पर स्थित सोमेश्वर धाम में मेले का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन, पूजा-अर्चना और अभिषेक कर सकेंगे। भोजपुर शिव मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय महादेव भोजपुर महोत्सव का आयोजन 15 से 17 फरवरी तक किया जाएगा। जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से शुरू होगा। महोत्सव के पहले दिन, 15 फरवरी को सागर के ऋषि विश्वकर्मा लोकगायन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद सागर के उमेश नामदेव द्वारा बधाई एवं बरेदी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। संध्या का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा का भक्ति गायन होगा। दूसरे दिन, 16 फरवरी को भोपाल की शीला त्रिपाठी लोकगायन प्रस्तुत करेंगी। इसके उपरांत मुंबई की भावना शाह और उनके साथी कलाकार शिव महिमा पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन करेंगे। दूसरे दिन का समापन मुंबई की पार्श्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर के सुगम संगीत से होगा। 17 फरवरी को लोकगायन होगा
महोत्सव के अंतिम दिन, 17 फरवरी को भोपाल के बलराम पुरोहित लोकगायन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद भोपाल की आकृति जैन और उनके साथी कलाकारों द्वारा शिव केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। समापन अवसर पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें दिल्ली के अशोक चक्रधर, मुंबई के दिनेश बावरा, आगरा के प्रताप फौजदार, दिल्ली के गजेंद्र सोलंकी, आगरा की रुचि चतुर्वेदी, मथुरा की पूनम वर्मा और दिल्ली की मनु वैशाली अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगी। 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
बुधवार को किले की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन सोमेश्वर धाम में पहुंचकर, सहायक कलेक्टर कुलदीप पटेल, एसडीम मनीष शर्मा, सीएमओ सुरेखा जाटव, सहित सोमेश्वर धाम समिति के सदस्यों ने महाशिवरात्रि पर लगने वाले मेले को लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान पानी लाइट के साथ श्रद्धालुओं के आने-जाने की व्यवस्थाएं देखी गई। इस मौके पर 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के सोमेश्वर धाम पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। बता दें सोमेश्वर धाम के तले साल में एक बार महाशिवरात्रि पर प्रशासन और पुरातत्व की मौजूदगी में सुबह 5 बजे खोले जाते हैं। इसके बाद अभिषेक कर दर्शन करने का सिलसिला शाम 5 बजे तक जारी रहता है उसके बाद फिर तले लगाए जाते हैं।


