बलौदा बाजार जिले के महानदी में अवैध रेत खनन और परिवहन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। बलौदा बाजार और रायपुर जिले की सीमा पर स्थित चिखली, कुरुद, हरदी और मुहम्मेला रेत घाट अवैध खनन के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। इन घाटों से निकलने वाले लगभग 90 प्रतिशत वाहनों में रॉयल्टी पर्ची नहीं होती। हाल ही में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने पलारी थाना के सामने ओवरलोड रेत से लदे हाइवा की जांच की। नायब तहसीलदार ईश्वर केवंट के नेतृत्व में टीम ने जैसे ही पहला वाहन रोका, ड्राइवर ने तुरंत अपने मालिक को फोन कर सूचना दी। ‘घाट पर ही नहीं दी जाती रॉयल्टी’ जांच अधिकारियों द्वारा वैध कागजात मांगे जाने पर ड्राइवर ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वे रॉयल्टी पर्ची साथ नहीं रखते क्योंकि घाट पर ही रॉयल्टी नहीं दी जाती। बिना रॉयल्टी के हाइवा की लोडिंग का किराया 10,000 रुपये होता है, जबकि रॉयल्टी सहित परिवहन पर 12,500 रुपये लगते हैं। ड्राइवर के अनुसार, रॉयल्टी जमा करने पर अतिरिक्त 2,500 रुपये का भुगतान करना पड़ता है, जिससे बचने के लिए ड्राइवर और मालिक बिना पर्ची के ही वाहन चला रहे हैं। उसने यह भी बताया कि यदि किसी वाहन के पास रॉयल्टी पर्ची होती भी है, तो उसमें केवल 10 से 12 घनमीटर रेत दर्शाया जाता है, जबकि वास्तव में वाहनों में 15 से 20 घनमीटर तक ओवरलोड रेत भरी होती है। ड्राइवर के खुलासे के बाद सख्त कार्रवाई इस अवैध कारोबार में माफियाओं का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि जैसे ही राजस्व विभाग की टीम किसी वाहन को रोकती है, यह खबर मिनटों में फैल जाती है और अगले दो घंटे के लिए परिवहन ठप कर दिया जाता है। ड्राइवर के खुलासे के बाद टीम ने सख्त कार्रवाई की। पलारी थाना के सामने और गिधपुरी मुख्य मार्ग पर की गई जांच में कुल 6 ओवरलोड हाइवा जब्त किए गए। इनमें से किसी भी वाहन के पास रॉयल्टी पर्ची नहीं थी। सभी जब्त वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम और ओवरलोडिंग के तहत कार्रवाई के लिए यातायात पुलिस को सौंप दिया गया है। दो घंटे ठप रहा परिवहन पहली गाड़ी रुकते ही इसकी सूचना व्हाट्सएप ग्रुप और मोबाइल कॉल के जरिए रेत माफियाओं और चालकों तक पहुंच गई। जानकारी मिलते ही अगले दो घंटे के लिए चिखली, कुरुद, हरदी और मुहम्मेला रेत घाटों से रेत का परिवहन लगभग ठप हो गया। कई हाइवा चालकों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए, तो कई ने भैंसा, भंडार और सिमगा होते हुए बिलासपुर और मुंगेली की ओर रास्ता बदल लिया। हालांकि, जैसे ही राजस्व विभाग की टीम लौटी, कुछ ही घंटों में रेत माफिया फिर से सक्रिय हो गए। देर शाम तक घाटों पर 24 घंटे चलने वाला अवैध खनन फिर से धड़ल्ले से शुरू हो गया। चेन माउंटेन मशीनें फिर चालू हो गईं और हाइवा के काफिले रायपुर और आसपास के जिलों के लिए रवाना होने लगे। सीमावर्ती घाटों पर अवैध खनन जारी बता दें कि बलौदाबाजार जिले की सीमा से सटे ये रेत घाट रायपुर जिले से सटे होने के कारण राजधानी में रेत सप्लाई का सबसे बड़ा जरिया हैं। यहां चेन माउंटेन मशीनों के जरिए 24 घंटे रेत निकाली जा रही है। रोजाना 400 से 500 हाइवा ओवरलोड रेत लेकर बिना रॉयल्टी के रायपुर, बलौदाबाजार, मुंगेली, बिलासपुर सहित आसपास के जिलों के लिए रवाना हो रहे हैं। इससे शासन को रोजाना लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। कार्रवाई के बाद नायब तहसीलदार ईश्वर केवंट ने बताया, कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग लगातार अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक प्रशासन की कार्रवाई निरंतर नहीं होगी, यह अवैध धंधा नहीं रुकेगा।


