महासमुंद जिले में महानदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर एसडीएम हरिशंकर पैंकरा ने महानदी किनारे स्थित 11 ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में बरबसपुर, कनेकेरा, गढ़सिवनी, अछोला, लहंगर, पीढ़ी, अमलोर, चूहरी, सिरपुर, चिंगरौद और पासिद के सरपंच-पंचों को 8 मई को सुबह 11 बजे न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन पंचायतों की सीमा में अवैध रेत खनन जारी है। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 और गौण खनिज नियम 1996 के तहत ग्राम पंचायतों को शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन का आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इससे शासन को राजस्व की हानि हो रही है। एसडीएम ने चेतावनी दी है कि यदि पंचायत प्रतिनिधि न्यायालय में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 39/40 के तहत कार्रवाई का भी प्रावधान है। खनिज और राजस्व विभाग पहले से ही अवैध खनन करने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है।


