महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बोले- टीपू सुल्तान शिवाजी महाराज के बराबर:BJP बोली- सपकाल पागल हो चुके हैं; पुणे में पूर्व विधायक के पोस्टर जलाए, FIR

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने पर विवाद बढ़ गया है। सपकाल ने कहा था- टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर मानना चाहिए। वे एक योद्धा और भारत के भूमिपुत्र के रूप में उभरे। उन्होंने कभी भी जहरीली सोच को नहीं अपनाया। दरअसल, सपकाल 14 फरवरी को बुलढाणा में मालेगांव नगर निगम के डिप्टी मेयर निहाल अहमद के ऑफिस पर थे। वे टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने पर हुए विवाद के बारे में बोल रहे थे। भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया… प्रदर्शन की 2 तस्वीरें… सपकाल के बयान के विरोध में पुणे में भापजा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। नारेबाजी की, उनके पोस्टर जलाए। कांग्रेस चीफ सपकाल के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। विवाद हुआ तो सपकाल ने सफाई दी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि मुझसे जो मूल प्रश्न पूछा गया था, मेरा वक्तव्य उसी संदर्भ में है। मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर दिखाने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मैं चर्चा के लिए तैयार हूं। जो प्रश्न पूछा गया था, मेरे उत्तर के संदर्भ में ही मेरा बयान है। जहां तक शिवाजी महाराज की बात है तो उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। शिवाजी के सवा सौ साल बाद जन्मे टीपू शिवाजी का जन्म 1627 में हुआ था। उन्होंने मुगलों और दक्खन (दक्षिण) की रियासतों से लोहा लेकर मराठा साम्राज्य की नींव रखी। 1675 में उनका राज्याभिषेक हुआ था। शिवाजी ने हैंदवधर्मोधारक (हिंदू धर्म के रक्षक) की उपाधि धारण की थी। 1680 में उनका निधन हो गया। वहीं, टीपू सुल्तान मैसूर के शासक थे। 1751 में जन्मे टीपू 1782 में पिता हैदर अली की मौत के बाद मैसूर की गद्दी पर बैठे। चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) में उनका निधन हो गया। टीपू फ्रांसीसियों पर काफी भरोसा करते थे। 1798 में टीपू और नेपोलियन के बीच पत्र व्यवहार हुआ था। इसमें नेपोलियन ने अंग्रेजों के खिलाफ एकजुटता और उन्हें उखाड़ फेंकने को कहा था। —————————- ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव में नाबालिगों ने वोट डाले:दावा- सोलापुर में उम्मीदवार के बेटे ने वोटिंग की; संभाजीनगर में भी विधायक बेटे को लेकर पहुंचा महाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव के दौरान नाबालिग को पोलिंग बूथ के अंदर ले जाने से जुड़े दो मामले सामने आए हैं। पहला केस सोलापुर और दूसरा छत्रपति संभाजीनगर जिले से जुड़ा है। सोलापुर जिले के अकलुज स्थित यशवंत नगर मतदान केंद्र पर उम्मीदवार अर्जुन सिंह मोहिते पाटिल अपने 14 साल के बेटे के साथ पोलिंग बूथ के अंदर गए। आरोप है कि नाबालिग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का बटन दबाया। पूरी खबर पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *