ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। मंदिर के तीनों द्वार खुले हुए हैं और हर द्वार पर भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु रात लगभग 12 बजे से ही दर्शन के इंतजार में खड़े थे, जिन्होंने सुबह 4 बजे से भगवान अचलनाथ के दर्शन करना शुरू किया। महाशिवरात्रि पर रविवार सुबह 10 बजे तक अचलेश्वर महादेव पर लगभग 50 हजार भक्तों ने दर्शन कर लिए हैं। मंदिर प्रशासन का दावा है कि रात तक करीब 2 लाख भक्त दर्शन करेंगे। भगवान अचलनाथ के दर्शनों के लिए ग्वालियर-चंबल अंचल ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बाबा अचलनाथ को छप्पन भोग अर्पित करने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए विशेष मंच सजाया गया है। अचलेश्वर के बाहर सड़कों पर दूर-दूर तक भक्त दर्शन के लिए लाइन में लगे हैं। 300 साल पुराना है मंदिर ग्वालियर का अचलेश्वर मंदिर लगभग 300 साल पुराना है। मान्यता है कि सिंधिया राजवंश के समय यहां भगवान ने पिंडी रूप में दर्शन दिए थे। इस पिंडी को अन्य स्थान पर स्थापित करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन पिंडी अपने स्थान से नहीं हिली। इसके बाद उसी स्थान पर भगवान अचलेश्वर महादेव के नाम से मंदिर का निर्माण कराया गया। इसके अलावा, शहर के प्रमुख गुप्तेश्वर, कोटेश्वर, मार्कंडेश्वर, भूतेश्वर, हजारेश्वर और मंगलेश्वर मंदिर सहित अन्य शिवालयों को भी आकर्षक रूप से सजाया गया है। मंदिरों में विशेष सजावट, रोशनी और भव्य श्रृंगार किया गया है। गुप्तेश्वर महादेव से निकली शिव बारात
महाशिवरात्रि पर गुप्तेश्वर मंदिर से सुबह 11 बजे गुप्तेश्वर महादेव सेवा संघ द्वारा चल समारोह निकाला जा रहा है। चल समारोह की शुरुआत सुबह 11 बजे मंदिर परिसर से हुई। यह भगवान शिव की बारात है जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए हैं। सेवा संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि चल समारोह गुप्तेश्वर मंदिर से प्रारंभ हुआ है जो जनकगंज, सराफा बाजार, फालका बाजार स्थित राम मंदिर, ऊंट पुल और इंदरगंज मार्ग से होता हुआ अचलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगा। पूरे मार्ग में धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े और शंख ध्वनि की विशेष व्यवस्था की गई है।


