चित्रकूट में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मंदाकिनी नदी के तट पर श्री मत्यगजेंद्र नाथ सरकार के विवाह का भव्य आयोजन किया गया। हाथी, घोड़े और बैंड-बाजे के साथ निकली इस दिव्य बारात में साधु-संतों और हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से पूरा चित्रकूट गूंज उठा। मत्यगजेंद्र नाथ को चित्रकूट का राजा माना जाता है। मान्यता है कि इनकी स्थापना स्वयं ब्रह्मा जी ने की थी। भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान चित्रकूट में निवास करने की अनुमति इन्हीं से ली थी। अन्य स्थानों पर भी शिव विवाह की धूम इस पावन अवसर पर भक्तों ने बम-बम भोले के जयकारे लगाए और पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।


