जयपुर में महाशिवरात्रि का पर्व भक्तिमय माहौल में मनाया गया। आर्ट ऑफ लिविंग जयपुर राजस्थान परिवार ने श्री श्री रविशंकर आश्रम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे महारुद्र पूजा से हुई। इसके बाद 7:30 बजे भक्ति संध्या का आयोजन किया गया। भक्ति संध्या में गायन, ज्ञान और ध्यान का त्रिवेणी संगम देखने को मिला। ब्रह्मचारी रामचंद्रन जी ने महाशिवरात्रि के महत्व को समझाया। राजस्थान के प्रसिद्ध गायक डॉ. सौरभ शेखावत और श्री कस्तूरी बनर्जी ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में सभी भक्तों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। ब्रह्मचारी जी ने बताया कि महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रात्रि है। शिव जी ध्यान और परिवर्तन के प्रतीक हैं। यह आध्यात्मिक उन्नति का विशेष समय होता है। भक्त उपवास, जप और प्रार्थना के माध्यम से शिव कृपा प्राप्त करते हैं। महारुद्र पूजा और सत्संग की दिव्य तरंगें आत्मा को शुद्ध करती हैं। इससे जीवन में शांति, समृद्धि और आनंद की प्राप्ति होती है। कार्यक्रम में 500 से अधिक जयपुरवासियों ने हिस्सा लिया और शिव भक्ति का आनंद लिया।


