इसकी घंटी की आवाज मेरी छाती पर सांप की तरह लोटती है। किसी दिन इसे हमेशा-हमेशा के लिए बंद कर दूंगा… ये शब्द उस शख्स के हैं, जिसने महाशिवरात्रि के दिन मंदिर से पूजा कर घर लौट रहे 75 वर्षीय पुजारी की हत्या कर दी। बिना किसी वजह के आरोपी ने पुजारी पर बीच राह बका से तब तक एक के बाद एक कई वार किए, जब तक पुजारी की जान नहीं निकल गई। इतनी डरावनी मौत देने के बाद भी उसकी दरिंदगी कम नहीं हुई। लोगों से बोला- दे दिया न पंडित को महाशिवरात्रि के दिन मोक्ष। अब भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घटना से जुड़ी तस्वीरें… महाशिवरात्रि पर पुजारी की हत्या की पड़ताल के लिए दैनिक भास्कर की टीम रीवा से 150 किमी दूर कुसमी पहुंची। यहां हैरान करने वाली कहानी सामने आई। परिवार तो कैमरे के सामने ही फूटकर रोने लगा। पढ़िए रिपोर्ट… सीने पर पैर रखा, बके से गर्दन काटी, दोनों जगह 8 वार किए
15 फरवरी, महाशिवरात्रि का दिन। सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में 55 वर्षीय लाला केवट ने 75 वर्षीय पुजारी इंद्रभान द्विवेदी की बका से गर्दन काटकर हत्या कर दी। पुजारी तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी थे। वे रविवार सुबह महाशिवरात्रि की पूजा करने मंदिर पहुंचे थे। घर लौटते समय हमलावर ने अचानक चलती मोपेड पर अटैक किया, जिससे इंद्रभान गिर गए। आरोपी ने पुजारी के सीने पर पैर रखा और बके से गर्दन काट दी। उसने सीने और गले पर 8 वार किए। खून से लथपथ पुजारी थोड़ी देर तक तड़पते रहे। आरोपी ने भागने की कोशिश की, पर लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कोई दुश्मनी नहीं, फिर ऐसी हत्या क्यों… इसी सवाल के साथ दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। परिवार ने बताया कि महाशिवरात्रि का पवित्र दिन था। पुजारी इंद्रभान द्विवेदी ने सुबह स्नान कर भगवा और पीले वस्त्र धारण किए। रोज की तरह पत्नी ने चाय के लिए पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। बोले- आज व्रत है। आज महाशिवरात्रि है, इसलिए पूजा के लिए जल्दी मंदिर पहुंचना है। भगवान का शृंगार करना है… इतना कहते हुए इंद्रभान घर से बाहर निकले, वहीं पत्नी रोजमर्रा के काम में जुट गईं। करीब 2 घंटे बाद ऐसी सूचना आई, जिसने परिवार की खुशियों को उजाड़ दिया। पुजारी सुबह 6 बजे घर से निकले और मोपेड से 15 मिनट में तहसील कार्यालय स्थित मंदिर पहुंच गए। उन्होंने विधिवत हनुमान जी की पूजा-आराधना की और चोला चढ़ाकर शृंगार किया। भोग, प्रसाद और आरती कर जप किया। पूजा में उन्हें करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। पूजा के बाद वे मंदिर से बाहर निकले और मोपेड से घर लौटने लगे। मंदिर से करीब 200 मीटर दूर जैसे ही मुख्य मार्ग पर पहुंचे। पहले से घात लगाए बैठे आरोपी लाला ने बका से हमला कर दिया। पुजारी अनियंत्रित होकर गिर गए। नीचे गिरते ही आरोपी ने गर्दन, मुंह-सिर पर एक के बाद एक कई वार किए। आरोपी ने पहले से शिवरात्रि का दिन मुकर्रर किया था नाम नहीं छापने की शर्त पर प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आरोपी ने पुजारी की बहुत ही निर्मम हत्या की। हत्या के बाद वह कह रहा था कि पंडित को महाशिवरात्रि के दिन मोक्ष दे दिया। अब उसे भटकना नहीं पड़ेगा। उसकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए थे। आरोपी ने जान-बूझकर घटना को अंजाम दिया। संभवत: उसने इसके लिए पहले से शिवरात्रि का दिन मुकर्रर किया था। पत्नी बोली- पूरा दिन पूजा पाठ और धर्म शास्त्रों का पारायण करते थे पुजारी की पत्नी लीलावती द्विवेदी कहती हैं कि दरिंदे ने मेरी मांग उजाड़ दी। बिना किसी दुश्मनी मुझे विधवा बना दिया। मैं बहुत हैरान हूं कि आखिरकार मेरे पुजारी पति का क्या दोष था। वह लड़ाई तो दूर किसी से ज्यादा बातचीत तक नहीं करते थे। पूरा दिन पूजा-पाठ और धर्म-शास्त्रों के अध्ययन में बिताते थे। जब भी खाली समय मिलता श्रीमद् भागवत का पारायण और स्वाध्याय करते रहते थे। किसी ने जय राम जी की… कर दी तो उसे बदले में जय राम जी की… कहते थे। नहीं तो मौन होकर चुपचाप रास्ते से निकल जाते थे। वह इतने शांत स्वभाव के थे कि कभी किसी से बहस तक नहीं की, लड़ाई-झगड़ा तो दूर की बात। दहशत में परिवार, रोते हुए बोले- डर की वजह से नींद नहीं आती बहू संध्या द्विवेदी रोते हुए कहती हैं कि घटना के बाद से पूरा परिवार क्या, आसपास के लोग भी दहशत में हैं। घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन डर की वजह से झपकी लेना भी मुश्किल है। कब किसके साथ कौन सी वारदात हो जाए, इसका कोई ठिकाना नहीं। आरोपी बोलता था – घंटी की आवाज, सीने पर सांप की तरह लोटती है
परिजन लीला शर्मा ने बताया कि आरोपी कहता था कि पंडित तुम्हारी घंटी की आवाज मेरे सीने पर सांप की तरह लोटती है। आरोपी को पूजा-पाठ से नफरत है। वह नास्तिक है। वह चाहता था कि कोई भी धर्म-कर्म और कर्मकांड का काम न करे। अपनी नास्तिकता सब पर जबरन थोपना चाहता था। वह कहता था- इस इलाके में पूजा-पाठ करने वालों को नहीं रहने दूंगा। सबको बारी-बारी से चुन-चुनकर मारूंगा। किसी को भी चैन से नहीं बैठने नहीं दूंगा। बिना किसी लड़ाई के उसने सिर्फ इसी कारण पुजारी जी की हत्या कर दी। भतीजा बोला – ब्राह्मण और पुजारी होने की सजा मिली भतीजे धीरेश द्विवेदी ने बताया कि चाचा की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि वे ब्राह्मण थे, क्योंकि वे मंदिर के पुजारी थे… क्या इस देश में अब पूजा करना भी गुनाह हो गया है? कांपती आवाज में मृतक के भतीजे ने कहा कि चाचा ने पूरी जिंदगी भगवान की सेवा, लोगों के सुख-दुख में साथ और समाज को जोड़ने का काम किया, लेकिन बदले में उन्हें नफरत और बेरहम मौत मिली। पुजारी की बहू सुलोचना द्विवेदी कैमरे के सामने ही फूट-फूट कर रोने लगीं। बुलडोजर कार्रवाई की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक ऐसी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आरोपियों के हौंसले बुलंद रहेंगे। इससे अधिक घृणित कृत्य क्या हो सकता है कि बिना किसी गलती, निहत्थे बुजुर्ग पुजारी को मौत के घाट उतार दिया गया। मारने के बाद भी बका से गला और चेहरा काटता रहा आरोपी एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद तिवारी मर्डर केस के चश्मदीद हैं। वे कहते हैं मैंने अपनी आंखों से देखा कि लाला केवट बीच राह किस तरह से पंडित जी की गर्दन को काट रहा था। लोग थोड़ा दूर थे, हमला होता देख आवाज भी लगाई कि रुक जाओ। इस पर उसने कहा कि अगर कोई भी बचाने आया तो उसे भी साथ में ही काट डालूंगा। उसके सिर पर खून सवार था। हम लोग उससे रुक जाने की गुहार लगाते रहे। पंडित जी की जान जाने के बाद भी करीब 5 मिनट बाद तक वह बका से उन पर हमला करता रहा। पुजारी के शव को क्षत-विक्षत करने के बाद बोला- कर दिया न पुजारी का काम तमाम। पुलिस आई तो एक पल को आरोपी का तांडव देखकर वह भी ठिठक गई। मेरे घर के सामने हुई वारदात, पूरा जिला शर्मसार ग्रामीण और स्थानीय निवासी दल प्रताप सेन ने गांव में हुई इस जघन्य हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरल स्वभाव के पुजारी की उनके ही घर के सामने हत्या बेहद दर्दनाक और निंदनीय है। इस घटना ने न केवल पूरे गांव, बल्कि जिले को भी शर्मसार कर दिया है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है। पुजारी की हत्या के बाद धमकी, चहारदीवारी में कैद परिवार परिजनों ने बताया कि पुजारी की निर्मम हत्या के बाद भी आरोपी के गुर्गों और परिवार वालों ने रेकी करते हुए बाकी लोगों को भी काट डालने और जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और बच्चे, बूढ़े, बुजुर्ग और कोई भी नहीं बचेगा। हम इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे, जिसके बाद से सभी ने घर से निकलना बंद कर दिया है। डर के मारे सभी चार दीवारी में कैद हैं। बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। परीक्षा का समय है और अब ऐसे में बच्चों का भविष्य क्या होगा, उनके मन पर वैसे भी इस घटना ने गहरा प्रभाव डाला है। पूजा-पाठ करने वालों को परेशान करता था ग्रामीण विष्णु शर्मा ने बताया कि आरोपी लाला केवट का आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पहले भी कई अपराध कर चुका है। ब्राह्मणों से द्वेष रखता था। कई बार ब्राह्मणों से मारपीट की है। पूजा-पाठ करने वाले व्यक्तियों को परेशान करता है। प्रशासन ने आरोपी के घर और बूचड़खाने को सील किया पुजारी की हत्या के मामले में प्रशासन ने मुख्य आरोपी के घर और संचालित बूचड़खाने को सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने आरोपी के मकान और बूचड़खाने के बाहर नोटिस चस्पा करते हुए स्पष्ट किया कि आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कदम उठाया गया है। वहीं क्षेत्र में पुलिस बल अब भी तैनात है। तहसीलदार राजेश पारस ने बताया कि बढ़ते जनाक्रोश और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की। आरोपी की दुकान अवैध रूप से संचालित हो रही थी और उसके संबंध में पहले भी शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया पुजारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने वारदात से जुड़ी अहम जानकारी दी है। पुलिस ने अभी पूरे मामले का विस्तृत खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है। जल्द ही मामले के अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है, वहीं पुलिस का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ………………… यह खबर भी पढ़ें… पुजारी के सीने पर पैर रखा, बके से गर्दन काटी सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में बका से हमला कर पुजारी की हत्या कर दी गई। मृतक इन्द्रभान द्विवेदी (75) तहसील परिसर स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी थे। वे रविवार सुबह 8 बजे महाशिवरात्रि की पूजा कर मोपेड से घर लौटे रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…


