जामताड़ा के नाला प्रखंड में स्थित प्राचीन देवलेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर बुधवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही श्रद्धालुओं की करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। मंदिर में चार दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। परिसर में चौबीस घंटे हरिनाम संकीर्तन हो रहा है। भाजपा नेता सूरज झा, जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन, पूर्व मंत्री सत्यानंद झा बाटुल और भाजपा नेता प्रसेनजीत घोष ने भी पूजा-अर्चना की। बड़ी चट्टानों से निर्मित इस मंदिर में केवल एक दरवाजा है मंदिर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। शाम को बाबा देवलेश्वर की बारात निकाली जाएगी। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, यह मंदिर त्रेतायुग से विराजमान है। बड़ी चट्टानों से निर्मित इस मंदिर में केवल एक दरवाजा है। मंदिर से जुड़ी किंवदंती के अनुसार, प्राचीन काल में यह स्थल घने जंगल में था। देवल नामक एक मुनि यहां लंबे समय तक तपस्या करते रहे। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने दर्शन दिए। उसी क्षण देवल मुनि सिद्धि प्राप्त कर अंतर्ध्यान हो गए और वहां एक शिवलिंग प्रकट हुआ, जो आज भी विराजमान है। स्थानीय मान्यता है कि बाबा के दरबार से कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ नहीं लौटता है। मंदिर में हजारों भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं।


