बालोद शहर स्थित 13वीं–14वीं सदी के नागवंशी कालीन कपिलेश्वर महादेव मंदिर में रविवार शाम एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। मंदिर परिसर में भगवान शिव के बाजू स्थित मां दुर्गा के मंदिर में पूजा के दौरान एक उल्लू आकर प्रतिमा पर बैठ गया। यह दृश्य देखते ही दर्शनार्थियों की भीड़ बढ़ गई। मंदिर समिति के सदस्य यशवंत साहू ने बताया कि, महाशिवरात्रि के अवसर पर सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। शाम करीब 7 बजे महाआरती शुरू हुई। आरती के बाद जैसे ही मां दुर्गा की पूजा समाप्त होने लगी, उसी दौरान एक उल्लू आकर मां दुर्गा की प्रतिमा के सिर पर बैठ गया। मोबाइल में तस्वीरें-वीडियो बनाने लगे श्रद्धालु घटना के बाद मंदिर परिसर का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया। कई श्रद्धालुओं ने इसे आस्था से जोड़कर देखा। मोबाइल में तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। कुछ देर बाद उल्लू कुद ही उड़ गया, लेकिन तब तक बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच चुके थे। उल्लेखनीय है कि, नागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित यह प्राचीन मंदिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता के कारण जिले में विशेष पहचान रखता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


