महासमुंद में पूर्व-सरपंच ने पौधा लगाकर जमीन पर किया कब्जा:प्रशासन ने करोड़ों की शासकीय भूमि से हटाया अतिक्रमण

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की ग्राम पंचायत बेलसोंडा में करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया। इस दौरान पूर्व सरपंच के पति ने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने बलपूर्वक हटाया। यह कार्रवाई जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर बेलसोंडा में राजस्व विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। शासकीय भूमि खसरा नंबर 1661, 1651 और 1654 पर हुए अवैध कब्जों को हटाया गया। 55 डिसमील जमीन पर कब्जा किया था अतिक्रमण हटाने के दौरान पूर्व सरपंच भामिनी चंद्राकर के पति पोखन चंद्राकर, जो एक शासकीय कर्मचारी हैं, द्वारा किए गए कब्जे को हटाया गया। उन्होंने सड़क से लगी करीब 55 डिसमिल बेशकीमती शासकीय जमीन पर कब्जा कर रखा था। पति-पत्नी ने काम रोकने की कोशिश की कार्रवाई के दौरान पोखन चंद्राकर और भामिनी चंद्राकर ने शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया। उन्होंने धक्का-मुक्की और झगड़ा करते हुए जेसीबी के सामने खड़े होकर काम रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस बल की मदद से उन्हें हटाया गया और कब्जा मुक्त कराया गया। जेसीबी से जमीन समतल कर पौधारोपण पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, पूर्व सरपंच भामिनी चंद्राकर के कार्यकाल के दौरान इसी शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त रखने के बहाने निस्तारी तालाब के कुछ हिस्से पर जेसीबी चलाकर समतल किया गया था और पौधरोपण किया गया था। हालांकि, पौधे नहीं लगे और पूर्व सरपंच ने बाद में उसी जमीन पर कब्जा कर लिया। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि सरपंच रहते हुए गांव की शासकीय जमीन पर कब्जा करने से अन्य लोग भी इसी तरह के अतिक्रमण करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के दौरान पूर्व सरपंच पति द्वारा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश की पुष्टि की।

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