जालोर जिला मुख्यालय के राजेंद्र नगर स्थित पंचवटी कॉलोनी सहित आसपास की बस्तियों में पिछले एक सप्ताह से पानी की सप्लाई नहीं हो रही। महंगे दामों में निजी टैंकर मंगवाने को मजबूर महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और नियमित जलापूर्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से यही हालात बने हुए हैं। 7-8 दिन तक पानी नहीं आता, जिससे घरेलू कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। जलदाय विभाग और प्रशासन को पहले भी कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
महिलाओं ने कलेक्टर के सामने जताई नाराजगी प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि कॉलोनी में पाइप लाइन डालते समय कर्मचारियों ने कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बीच में प्लेट डाल दी।
इसके कारण पानी छोड़े जाने के बावजूद कॉलोनी तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा। महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा – जब पानी ही नहीं आ रहा तो पाइप लाइन बिछाने का क्या मतलब? हम प्यासे मर रहे हैं, इसे उखाड़ कर ले जाओ। एक तरफ संकट, दूसरी तरफ 45 मिनट तक बहता रहा पानी शहर के औद्योगिक क्षेत्र प्रथम चरण में जिला उद्योग केंद्र के पास बनी पानी की टंकी भरने के बाद करीब 45 मिनट तक ओवरफ्लो होकर पानी बहता रहा।
लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही से जहां एक तरफ हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर राजेंद्र नगर में 7 दिन बाद भी सप्लाई नहीं दी जा रही। विभाग का दावा – 72 से 96 घंटे में होती है सप्लाई सीटी जेईएन उम्मेदाराम चौधरी ने बताया- सामान्यतः जालोर में 72 से 96 घंटे के अंतराल में जलापूर्ति की जाती है। लेकिन पिछले 4-5 दिनों से तैतरोल नर्मदा और उम्मेदाबाद क्षेत्र में पंप खराब होने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई। गोडिजी स्थित जलदाय विभाग की टंकी को सामान्यतः आधा वाल्व खोलकर भरा जाता है, लेकिन कर्मचारियों द्वारा पूरा वाल्व खोल देने से टंकी जल्दी भर गई और ओवरफ्लो हो गया।


