सिटी रिपोर्टर | बोकारो यह कहानी चास के यदुवंश नगर की रहने वाली उस महिला की है, जो जन शिक्षण संस्थान की प्रशिक्षक के रुप में सामाजिक-आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। प्रेमलता देवी निम्न मध्यवर्गीय परिवार से है। असमय पति का साथ छूटने के बाद उनके कंधों पर तीन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई। प्रेमलता ने हार मानने के बजाय जन शिक्षण संस्थान से जुड़कर अपने संघर्ष को मिशन में बदल दिया। प्रेमलता ने चुनौतियों से जूझते हुए सबसे पहले खुद प्रशिक्षण लिया। ड्रेस मेकिंग सहित कई विधाओं में विशेषज्ञता हासिल की। इसके बाद वह गांवों की वंचित महिलाओं के बीच दीपक बनकर उजाला फैलाने लगीं। वह अहले सुबह उठकर घर के काम निपटातीं, बच्चों को स्कूल भेजतीं और फिर ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए कभी साइकिल से तो कभी पैदल ही दूर-दराज के गांवों के लिए निकल पड़तीं। प्रेमलता देवी के प्रयासों से कई स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ, जिससे महिलाएं नए अवसर प्राप्त कर रही हैं। अगरबत्ती, साबुन, सिलाई-कढ़ाई आदि का प्रशिक्षा देती हैं।


