महिलाओं ने हल्दी, पालक, चुकंदर, गेंदा और पलाश से गुलाल बनाया

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर महात्मा गांधी उद्यानिकी व वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के तत्वावधान में उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी द्वारा ग्राम कमतरा में आयोजित दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शनी का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में कुनकुरी ब्लॉक के विभिन्न ग्रामों से 90 से अधिक किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के संदर्भ में कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया गया। डीन डॉ. जोनसन लकड़ा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026 को वैश्विक स्तर पर महिला किसान वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर महिलाएं न केवल परिवार की आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि समाज के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इको-फ्रेंडली पहल के तहत डॉ. शशिकला लकड़ा ने हल्दी, पालक, चुकंदर, गेंदा और पलाश जैसे प्राकृतिक तत्वों से हर्बल गुलाल बनाने की विधि सिखाई। उन्होंने बताया कि होली जैसे त्योहारों के अवसर पर प्राकृतिक रंगों की मांग बढ़ती है, जिससे यह स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बन सकता है। पादप रोग विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. दयासागर ने मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक बारीकियों को विस्तार से समझाया। महिलाओं ने इस सत्र में विशेष रुचि दिखाई, ताकि वे घर से ही अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। स्मार्ट खेती एवं खरपतवार प्रबंधन विषय पर डॉ. दीपक कुमार जायसवाल ने खरपतवारनाशी के सही चयन और छिड़काव की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी, जिससे फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। मधुमक्खी पालन पर डॉ. कृष्णा गुप्ता ने शहद एवं अन्य उत्पादों से होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला। साथ ही राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत फल उत्पादन से संबंधित जानकारी भी दी गई।

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