महिला के चमत्कारिक इलाज के बाद बेटी की मौत:मां बोली- छाती पर चढ़कर शैतान भगाती, गर्म तेल डालती; बाइबिल पढ़ने के लिए मजबूर किया

गरियाबंद जिले में एक लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुरसाबांधा गांव में 21 मई बुधवार को योगिता सोनवानी (18) एक घर में मृत मिली। योगिता लंबे समय से मानसिक रूप से बीमार थी। मृतक की मां ने आरोप लगाया है कि एक महिला ने उनकी बेटी का चमत्कारिक इलाज किया जिसके बाद ये घटना हुई। मामला राजिम थाना क्षेत्र का है। मृतका की मां सुनीता ने बताया कि ईश्वरी साहू नाम की महिला ने इलाज के नाम पर उन्हें अपने घर ले गई और वहां 3 महीने तक बंधक बनाकर रखा। वहां उसने प्रार्थना और बाइबल पढ़ने को मजबूर किया। सुनीता सोनवानी के मुताबिक, महिला ने उन्हें बताया था कि उनकी बेटी के शरीर में शैतान है। वो महिला छाती पर चढ़ कर शैतान भगाने का ढोंग करती थी और गर्म तेल लगाती थी और विरोध करने पर मारती थी। वहीं पीएम रिपोर्ट में पता चला कि महिला के पसली की हड्डी टूटी है। ये है पूरा मामला योगिता के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। मानसिक रूप से बीमार बेटी के इलाज की जिम्मेदारी मां सुनीता सोनवानी के कंधों पर थी। अपनी बेटी के बेहतर इलाज की उम्मीद में सुनीता रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रही थीं। इलाज में काफी खर्चा हुआ, यहां तक कि उन्हें मकान भी बेचना पड़ा। मगर कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुनीता अपनी बेटी को लेकर महासमुंद अपने मायके पहुंचीं और वहां से जानकारी मिलने पर सुरसाबांधा गांव आकर ईश्वरी साहू नाम की महिला के संपर्क में आईं, जो खुद को इलाज करने वाली बताती थी। यहां पिछले तीन महीने से मां-बेटी गांव के अंतिम छोर पर एकांत जगह में रह रहे थे। सुनीता का आरोप है कि ईश्वरी साहू ने उन्हें शैतान का भय दिखाकर किसी से संपर्क न करने, बाहर न निकलने की सख़्त हिदायत दी थी। योगिता की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से थाने पहुंची स्थानीय महिलाओं के मुताबिक, यहां नियमित रूप से चंगाई सभा होती थी। इसमें प्रार्थना और बाइबल पढ़ाई जाती थी। जब मां सुनीता ने स्थानीय लोगों की मदद से मामला उजागर किया और राजिम थाना पहुंची, तो पुलिस ने रातभर उन्हें टालते रहे। 4 और अन्य युवतियों को चमत्कारिक इलाज करीब आधी रात के बाद ही एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस मौके पर पहुंची। राजिम पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच में पता चला कि अकेली योगिता ही नहीं बल्कि उपचार कराने में सक्षम नहीं 4 और अन्य युवतियों को चमत्कारिक इलाज किया गया है। पिछले कई साल से ईश्वरी अपने मकान में प्रार्थना के नाम पर इलाज कर रही है। पसली टूटी, हार्ट से गई जान – डॉक्टर एडिशन एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम करने वाले डॉक्टर एम एस ठाकुर ने बताया कि नाबालिग की पसली टूटने के बाद ब्लड भी निकला है। फिर हार्ड अटैक होने से पीड़िता की जान गई है। हिरासत में आरोपी महिला आरोपी महिला ईश्वरी साहू को हिरासत में लेकर उस पर धर्मांतरण और बंधक बनाने का मामला दर्ज किया गया है। अब पूरे मामले की जांच जारी है। वही घटना को लेकर समाज प्रमुखों सहित ग्रामीणों मे काफी आक्रोश व्याप्त है। ………………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… पास्टर ने प्रभु का डर दिखाकर कराया धर्मांतरण:बिलासपुर में चंगाई सभा में किया ब्रेन वॉश; निगम कर्मी की शिकायत पर पति-पत्नी पर केस दर्ज छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले में जोरों पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। संबलपुरी के रहने वाले निगम कर्मी उत्तरा कुमार साहू ने पास्टर संतोष मोसेस और उसकी पत्नी अनु मोसेस पर जबरन धर्मांतरण करवाने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर…

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