थार की धरती केवल संस्कृति, परंपरा और इतिहास के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यहां की बेटियां भी आज दुनिया के अलग-अलग मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीकानेर की ऐसी पांच प्रेरणादायी महिलाओं की कहानी बता रहा भास्कर, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इन महिलाओं की खासियत यह है कि इनकी यात्रा बीकानेर की गलियों से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंची है। कोई अमेरिका में सफल उद्यमी के रूप में पहचान बना रही है, तो कोई दुबई में रहकर राजस्थानी साहित्य की खुशबू फैलाने में जुटी है। नेशनल करियर काउंसलर डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली,कहते हैं कि तकनीक और कॉर्पोरेट जगत में भी बीकानेर की बेटियों ने महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचकर यह साबित किया है कि मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहता। शेफाली गोलछा: मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में परचम गंगाशहर निवासी शेफाली गोलछा मानसिक स्वास्थ्य और मनोविज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ नाटिंघम से मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। एक अनुभवी मनोचिकित्सक के रूप में वे युवाओं, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक जीवन शैली के बारे में मार्गदर्शन देती हैं। भगवती बलदेवा: उद्योग जगत में बनीं मिसाल बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ मूल की भगवती बलदेवा उद्योग जगत में एक सशक्त महिला नेतृत्व के रूप में जानी जाती हैं। वे कार्तिकेय ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक हैं और साथ ही तेलंगाना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज फेडरेशन की निदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। भगवती बलदेवा पांच बड़ी कंपनियों का सफल संचालन कर रही हैं और उद्योग जगत में महिला नेतृत्व की मजबूत मिसाल बन चुकी हैं। सिम्मी धमीजा: तकनीकी क्षेत्र में बनाई पहचान बीकानेर की बेटी सिम्मी धमीजा ने कॉर्पोरेट और तकनीकी क्षेत्र में पहचान बनाई है। प्रतिष्ठित हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से उच्च शिक्षित और तकनीकी कंपनियों का नेतृत्व किया। सिम्मी विप्रो, टेक महिंद्रा में के बाद अब एआईओनओएस में मुख्य संचालन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। तकनीकी और प्रबंधन जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में शीर्ष नेतृत्व तक हासिल किया। उनका सफर युवा महिलाओं के लिए यह प्रेरणा है। कौसर भुट्टो: दुबई तक पहुंचाई राजस्थानी भाषा की खुश्बू जनकवि मोहम्मद सदीक भाटी की पोती कौसर भुट्टो आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजस्थानी भाषा और साहित्य की पहचान को आगे बढ़ा रही हैं। दुबई में रहते हुए भी वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई हैं और विभिन्न काव्य मंचों के माध्यम से साहित्यिक अभिव्यक्ति को नई ऊंचाई दे रही हैं। कौसर भुट्टो ने भारतीय दूतावास दुबई और अबू धाबी सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ और कार्यक्रम संचालन किया है। आरती गोयल: मेहनत के दम पर अमेरिका में खड़ा किया उद्यम बीकानेर मूल की आरती गोयल आज अमेरिका में सफल महिला उद्यमी हैं। वे फीनिक्स, एरिजोना (यूएस) में स्थित टीआई स्क्वायर हायरिंग एलएलसी और सिएरा बिजनेस सॉल्यूशन एलएलसी का संचालन करती हैं। दोनों कंपनियां तकनीकी सेवाओं और पेशेवर भर्ती सेवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। इनकी कंपनियों की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल अमेरिका जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ प्रत्यक्ष विक्रेता साझेदारी है।


