महिला ने हॉस्पिटल के गेट पर बच्चे को दिया जन्म:30 मिनट तक तड़पती रही, महिलाओं ने कराई डिलीवरी; आरोप- अस्पताल में नहीं थे डॉक्टर

बीकानेर जिले में एक महिला ने सरकारी हॉस्पिटल के गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला 30 मिनट तक प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। ज्यादा दर्द होने पर साथ आई महिलाओं ने कपड़े की ओट में डिलीवरी कराई। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल के गेट पर धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया- प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को दोपहर 1 बजे गर्भवती महिला को हॉस्पिटल लेकर आए थे, लेकिन गेट बंद था। अंदर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं था। मामला पांचू थाना क्षेत्र भादला गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। बीकानेर सीएमएचओ पुखराज साध ने बताया- प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर अस्पताल में तैनात डॉक्टर सहित कुल 4 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। साथ में आई महिलाओं ने कराई डिलीवरी
जोगेंद्र सिंह ने निवासी भादला गांव ने बताया- पास के गांव में रहने वाला एक व्यक्ति अपने छोटे भाई की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर डिलीवरी के लिए PHC लेकर आए थे, लेकिन अस्पताल का गेट बंद था। अंदर न तो कोई डॉक्टर था और न कोई नर्सिंगकर्मी। गर्भवती महिला 30 मिनट तक अस्पताल के गेट पर दर्द से तड़तपी रही। ज्यादा दर्द होने पर साथ में आईं महिलाओं ने गर्भवती महिला के चारों तरफ कपड़े की ओट की और उसकी डिलीवरी कराई। जेठ बोला- 30 मिनट बाद किया भर्ती
प्रसूता के जेठ ने बताया- मैं भाई की पत्नी को लेकर भादला पीएचसी आया था, लेकिन यहां पर कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। पास के ही गांव बूंगड़ी के डॉक्टर यहां पर कार्यरत है, जो कि 30 मिनट बाद आए और प्रसूता को अंदर भर्ती किया। अस्पताल प्रभारी ने इस तरह की घटना से किया इनकार
अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर गोविंद गेधर ने पूरी घटना से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा- अस्पताल में एक महिला डिलीवरी के लिए आई थी। इस दौरान ओपीडी से पहले ही उसकी डिलीवरी हो गई। सभी ऑन कॉल पर ही थे। प्रसूता और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। दोनों अस्पताल में ही भर्ती है। धरने पर बैठे नाराज ग्रामीण
घटना से नाराज ग्रामीण भादला पीएसची के आगे धरने पर बैठ गए और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। गांव के पूर्व सरपंच मेघ सिंह ने बताया- 1-2 आदमी ही अस्पताल खोलते हैं। बाकी लोगों की फर्जी हाजिरी लगती है। कांग्रेस नेता ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
कांग्रेस नेता महेंद्र गहलोत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- CMHO से फोन पर बात कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी चिकित्साकर्मियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने मांग की। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही बेहद गंभीर है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। …. ये खबर भी पढ़ें एंबुलेंस में महिला के गर्भ से आधा बाहर आया बच्चा:भरतपुर में डॉक्टर और स्टाफ ने हॉस्पिटल के गेट पर ही कराई डिलीवरी भरतपुर में एक गर्भवती महिला को रात में प्रसव पीड़ा होने लगी। उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। महिला को एंबुलेंस से हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाता इससे पहले ही प्रसव शुरू हो गया। हॉस्पिटल से डॉक्टर और स्टाफ दौड़कर गेट पर पहुंचे और वहीं पर सुरक्षित डिलीवरी कराई। (पढ़ें पूरी खबर)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *