महिला पशुपालकों के लिए अच्छी खबर:किसानों की तरह प्रगतिशील महिला पशुपालकों को भी पुरस्कार पंस, जिला और राज्य स्तर पर मिलेंगे 10 हजार से 50 हजार रुपए

प्रदेश में पशुपालन में मॉडर्न तकनीक अपना रहीं महिला पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार प्रगतिशील किसानों की तरह प्रगतिशील महिला पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत करेगी। इसके लिए राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मान योजना के तहत वर्ष 2024-25 के लिए प्रगतिशील महिला पशुपालकों से आवेदन मांगे हैं। इन्हें पंचायत समिति, जिला व राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। पंस स्तर पर 10 हजार, जिला स्तर पर 25 हजार और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपए का रस्कार दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार चयन समिति प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर वरीयता क्रम से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर एक-एक महिला पशुपालक का चयन करेगी। पंचायत समिति स्तर पर प्रथम स्थान पर रहीं चयनित महिला पशुपालकों में से जिला स्तर पर दो महिला पशुपालकों का चयन किया जाएगा। जिला स्तर पर चयनित महिला पशुपालकों में से राज्य स्तर पर दो का चयन होगा। राज्य स्तर पर चयनित महिला पशुपालक को जिला स्तर का व जिला स्तर पर चयनित महिला पशुपालक को पंचायत समिति स्तर का पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। आवेदन ऑफलाइन करने होंगे आवेदन समीपस्थ राजकीय पशु चिकित्सालय में जाकर किए जा सकेंगे। प्रगतिशील महिला पशुपालक वहां जाकर अपने निर्धारित प्रपत्र में आवेदन 31 जनवरी तक प्रस्तुत कर सकेंगी। योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट www. animalhusbandry.rajasthan .gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। नवाचार और नए आयाम जरूरी योजना में ऐसी प्रगतिशील महिला पशुपालकों का चयन किया जाएगा, जिन्होंने पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार कर पशुधन उत्पादन क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हों। आवेदक महिला पशुपालन की नवीनतम तकनीक का उपयोग करने, विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी रखने वाली हो और उनका लाभ भी प्राप्त करती हो। ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाली दुग्ध प्रतियोगिता, कॉफ रैली, पशु मेलों में आयोजित नस्ल एवं उत्पादन से सम्बन्धित पशु प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत हो चुकी हो। जसे पशुपालन, पशु प्रबन्धन, पशु आवास व्यवस्था, संतुलित आहार के सम्बन्ध में उन्नत तकनीकी ज्ञान के साथ इन तकनीक का इस्तेमाल करती हो। विभाग के मुताबिक पशुपालन में महिलाओं के बढ़ते योगदान को देखते राज्य सरकार ने यह पहल की है।

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