भास्कर न्यूज | नोवामुंडी नोवामुंडी के महूदी गांव में शुक्रवार को आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व माघे परब पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक आस्था के साथ मनाया गया। दिन का मुख्य आकर्षण महारंग परब रहा, जिसमें गांव के देशाउली स्थल पर परम्परा अनुसार पूजा-अर्चना की गई। देशाउली में दिऊरी मोहन तिरिया ने सहयोगी दिऊरी सुरेश लागुरी, मिथुन चाम्पिया, बिरसा तिरिया, बुधराम तिरिया तथा शंख फूंकने वाले (ओरोंग साकोवा) हरि बारजो और भीमसेन लागुरी के साथ लाल मुर्गे की विधिवत पूजा कर गांव की उन्नति, शांति, हरियाली और खुशहाली की कामना की। पूजा से पूर्व दिऊरी मोहन तिरिया अपने सहयोगियों के साथ गांव के तालाब पहुंचे। वहां वे आधे घंटे से अधिक समय तक छाती तक पानी में खड़े होकर स्नान और विशेष अनुष्ठान करते रहे। तत्पश्चात शंखनाद के साथ सीधे देशाउली स्थल पहुंचे, जहां पारंपरिक विधि-विधान से मारंग परब की पूजा सम्पन्न हुई। इस दौरान देशाउली परिसर में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में समूह बनाकर मागे नृत्य और गीत प्रस्तुत करते रहे। एक साथ तीन दर्जन से अधिक मांदर और नगाड़ों की थाप से पूरा इलाका गूंज उठा। वातावरण श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। महूदी सिम करसा में आयोजित इस पर्व में नोवामुंडी बाजार, लखनसाई, स्टेशन, भट्टीसाई, पचायसाई, तोडेतोपा, टाटरा हटिंग, आजाद बस्ती सहित कुल 13 बस्तियों के लोग शामिल हुए। इसके अलावा टाटा स्टील कैंपों से भी सैकड़ों टिस्कोकर्मी पूजा में शरीक हुए। देशाउली स्थल पर मुंडा अजय लागुरी, बागुन लागुरी, माइकल तिरिया, मुखिया लक्ष्मी देवी समेत हजारों महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों की उपस्थिति ने पर्व को भव्य स्वरूप प्रदान किया। इसके साथ ही प्रखंड के लोकेसाई, कातिकोडा ,बे रकिया, बडानंदा, जिंतुग ढा सहित दर्जनों गांवों में भी भी शुक्रवार को सिम करसा परब धूमधाम के साथ मनाया गया।


