बालेसर की ग्राम पंचायत आगोलाई के देवगढ़ गांव में पांच भाइयों ने अपनी माता के निधन के बाद एक नशा मुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने बारहवीं के दिन होने वाली गंगा प्रसादी के खर्च को सीमित कर उसकी जगह पर बच्चों के लिए वातानुकूलित लाइब्रेरी बनाने का निर्णय लिया है। यह लाइब्रेरी आगोलाई में जाट समाज के न्याति नौहरे में 2 लाख 51 हजार रुपए की लागत से निर्मित की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि देवगढ़ निवासी स्वर्गीय किशनाराम सारण की धर्मपत्नी गुमनी देवी का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। उनके पुत्रों बालाराम, करनाराम, घेवरराम, अमानाराम और महेंद्र सारण सहित पूरे परिवार तथा समाज की सहमति से यह कार्यक्रम पूर्ण रूप से नशा मुक्त रखा गया। इस पहल के लिए मारवाड़ जाट महासभा के अध्यक्ष एवं महाराज गंगा सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गंगाराम जाखड़, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल बलदेव सिंह मानव, सेवानिवृत्त एडीएम भूराराम चौधरी, पतंजलि योग पीठ के साउथ प्रभारी भंवरलाल आर्य, जाट समाज के पंच उम्मेदाराम मनमोड़ा, तेजाराम डऊकिया और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने प्रेरणा दी। समाज सुधार की इस अनुकरणीय पहल के तहत, जाट समाज न्याति नोहरा आगोलाई में विद्यार्थियों के लिए 60 से ज्यादा सीटों वाली वातानुकूलित लाइब्रेरी बनाने का निर्णय लिया गया। सारण परिवार के इस निर्णय का सभी ने स्वागत किया। कर्नल बलदेव सिंह मानव ने बताया- समाज अब बदलाव की ओर अग्रसर है और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर शिक्षा, विशेषकर बालिका शिक्षा, तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


