शाहजहांपुर में मंगलवार को जीजा ने साली की गला रेतकर हत्या कर दी थी। आरोपी ने घर में घुसकर युवती के साथ पहले हाथापाई की। फिर उस पर चाकू से कई वार किए। बचाने आईं सास पर भी हमला कर फरार हो गया था। घटना सदर बाजार थाना क्षेत्र के लाला तेली बजरिया एरिया की है। वारदात के समय निकिता घर पर अकेली थी। मां सब्जी लेने गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर लाला तेजी बजरिया से आरोपी को भागते हुए पकड़ लिया। आरोपी अंशुल (35) कचहरी में एक वकील का मुंशी है। निकिता बीएससी और बीएड कर चुकी थी। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। आरोपी अपने छोटे भाई की शादी निकिता (23) से कराना चाहता था। लेकिन निकिता इस बात का विरोध कर रही थी। हत्या का पीछे यही वजह बताई जा रही है। हलवा बनाने के लिए गाजर मंगाई थी बाजार से घर पहुंची मां ने मकान के बाहर दामाद के हाथ खून से सने देखे। उन्होंने दामाद से पूछा कि किसका कत्ल करके आए हो। उन्होंने कहा कि दामाद हमको भी घर के अन्दर ले जाने की कोशिश करने लगा। मां ने कहा कि बेटी ने गाजर का हलवा बनाने के लिए बाजार से गाजर मंगाई थी। वापस लौटे तो बेटी के शरीर से ढेर सारा खून निकल रहा था। मां ने कहा कि दामाद बहुत कम घर आता था। काफी समय बाद आज घर आया था। बेटी का शव देखकर मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घर के अंदर अकेली थी निकिता शोभनिल सक्सेना बेटे अंकुर और 23 साल की बेटी निकिता के साथ रहती हैं। एक बेटी सलोनी शादीशुदा है। दूसरी बेटी वर्तिका ने मोहल्ले के रहने वाले अंशुल से पांच साल पहले लव मैरिज की थी। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे घर में घुसकर अंशुल ने अपनी साली निकिता की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के समय निकिता घर के अंदर अकेली थी। हाथ झटककर दामाद की मां को बुलाया मां ने बताया कि निकिता कई दिन से गाजर का हलवा बनाना चाहती थी। निकिता ने कहा था कि बाजार से गाजर ले जाओ। वह बाजार से गाजर लेने गई थी। वापस लौटी तो दामाद अंशुल मकान के बाहर खड़ा था। उसके हाथ में चाकू था, हाथ और कपड़ों में खून सना था। खून देखकर कहा कि किसका कत्ल करके आए हो। दामाद ने कोई जवाब नहीं दिया। मेरा हाथ पकड़ मुझे भी घर के अंदर ले जाने लगा। तभी उसका हाथ झटककर सबसे पहले हम दामाद की मां को बुलाकर लाए। इस बीच दामाद वहां से भाग गया। घर के अंदर निकिता नहीं दिखी तब तक हमें एहसास भी नहीं था कि मेरी बेटी निकिता के साथ कुछ हुआ है। मां ने कहा कि जब हम घर के अंदर गए तो वहां निकिता नहीं दिखी। तब हमने बेटी को आवाज लगाई। उससे कहा कि गाजर लेकर आए हैं। गाजर का हलवा बना लेना। तब भी उसने कोई आवाज नहीं दी। जब कमरे में जाकर देखा तो उसके शरीर से बहुत ढेर सारा खून बह रहा था। निकिता खुद को बचाने की कोशिश की मां ने कहा कि दामाद कभी घर नहीं आता था। त्योहार पर भी नहीं आता था। आखिरी बार भाई दूज के दिन घर आया था। उसके बाद मंगलवार को घर आया। बेटी की हत्या करके चला गया।अंशुल ने जब निकिता पर हमला किया तो उसने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। तब अंशुल ने उस पर चाकू से हमला किया। आरोपी ने उसके कई जगह पर चाकू मारा है। आरोपी ने पहले कहा मर्डर हमने नहीं किया इस दौरान खुद अंशुल का हाथ भी कट गया। उसके हाथ से भी खून निकल रहा था। पुलिस ने जब उसको पकड़ा तब उसके पास चाकू था। खून से सने कपड़े थे। हाथ पर कट भी लगा था। आरोपी पहले कहने लगा कि मर्डर हमने नहीं किया है। पुलिस आरोपी को पकड़कर थाने ले गई। आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि हम अपने छोटे भाई की शादी निकिता से कराना चाहते थे। निकिता के परिवार के पास प्रापर्टी है। अगर उसकी कहीं दूसरी जगह शादी होती तो प्रापर्टी बट जाती। इसलिए हम चाहते थे कि प्रापर्टी न बटे और मेरे परिवार के पास निकिता की प्रापर्टी आ जाए। लेकिन निकिता शादी करने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। अंशुल मेरी बहन की हत्या कर देगा एहसास भी नहीं था जानकारी के अनुसार, आरोपी अंशुल शराब का आदी है। लव मैरिज करने के बाद भी पत्नी से आए दिन विवाद करता रहता था। निकिता की बहन वर्तिका रो रोकर कहती रही कि अंशुल मेरी बहन की हत्या कर देगा। इसका उसने एहसास तक नहीं होने दिया। एसपी राजेश एस. ने बताया कि थाना सदर बाजार क्षेत्र में 23 साल की युवती की हत्या हुई है। युवती के जीजा ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटनास्थल से चाकू बरामद किया गया है। सूचना मिलते ही दो टीमें गठित कर आरोपी को पकड़ लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें…. संभल के बाद काशी में मिला बंद मंदिर:40 साल से ताला लगा, हिंदू महिलाओं ने शंखनाद किया संभल के बाद काशी के मुस्लिम बहुल इलाके में मंदिर बंद मिला है। हिंदू संगठन सनातन रक्षक दल ने दावा किया कि मंदिर 250 साल पुराना है। 40 साल से मंदिर पर ताला लगा है। इससे पहले, यहां पूजा होती थी। मंदिर मदनपुरा इलाके में है, जिसमें मिट्टी भरी हुई है। मंदिर करीब 40 फीट ऊंचा है। मंदिर में ताला किसने बंद किया? इस बारे में यहां के लोग जानकारी नहीं दे सके। मंगलवार सुबह से मंदिर के पास पुलिस तैनात की गई। दोपहर 12.30 बजे बंगाली समाज की महिलाएं मंदिर पर पहुंची। उन्होंने शंखनाद किया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर निकल आए। उन्होंने कहा- मंदिर यहां पहले से हैं, पूजा से इनकार नहीं, मगर बाहरी लोगों का यहां क्या काम है? पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। पढ़ें पूरी खबर…


