माकपा का जनसंघर्ष जत्था गुरुवार को हनुमानगढ़ जिले के डबली गांव पहुंचा। यहां माकपा द्वारा आयोजित जनसभा को सांसद अमराराम सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। यह जत्था घड़साना से रवाना हुआ है और राजस्थान से होते हुए 7 मार्च को जयपुर पहुंचेगा। इसके बाद 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी जनसभा प्रस्तावित है। डबली के बाद जत्था हनुमानगढ़ होते हुए देर शाम तक भादरा पहुंच गया। डबली में जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद अमराराम ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन नीतियों से किसान, मजदूर और आम जनता प्रभावित हो रही है। अमराराम ने बिजली विधेयक 2025 को निजीकरण की दिशा में एक कदम बताया, जिससे बिजली उत्पादन और वितरण पर निजी कंपनियों का नियंत्रण बढ़ेगा और उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। अन्य वक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के माध्यम से पहले भुगतान की व्यवस्था लागू करने का भी विरोध किया। उन्होंने मनरेगा में कटौती, श्रम कानूनों की जगह चार श्रम संहिताओं को लागू करने और बीज विधेयक 2025 को किसानों के खिलाफ बताया। वक्ताओं का कहना था कि नए प्रावधानों से छोटे बीज विक्रेताओं और किसानों पर दबाव बढ़ेगा, जबकि श्रम संहिताओं से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे और उनके काम के घंटे बढ़ सकते हैं। माकपा के इस आंदोलन के तहत कई प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाना, किसानों की कर्ज माफी, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था में सुधार और वनाधिकार कानून के लंबित मामलों का निस्तारण शामिल है। अभियान का मुख्य उद्देश्य इन मुद्दों पर जनता को जागरूक करना और एक बड़े आंदोलन की तैयारी करना है।


