माघ माह के शुक्ल पक्ष दशमी के अवसर पर जसोल स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ब्रह्ममुहूर्त से ही जसोलधाम में भक्तों का आगमन शुरू हो गया था, जो दिनभर जारी रहा। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय मां जसोल’ और ‘श्री राणीसा भटियाणीसा की जय’ के जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की
श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने मां जसोल के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। कई श्रद्धालु नंगे पांव और पदयात्रा कर जसोलधाम पहुंचे। सीसीटीवी कैमरों से रखी निगरानी
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर संस्थान ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। दर्शन सुचारु बनाए रखने के लिए व्यवस्थित लाइनिंग और झिग-झैग प्रणाली का उपयोग किया गया। सुरक्षा के लिए पूरे मंदिर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से लगातार सूचनाएं प्रसारित की गईं। स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग और प्रसाद अर्पण व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध प्रभावी ढंग से लागू किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित दर्शन का अवसर मिला। छप्पन भोग का आयोजन
इस अवसर पर हरि किशन पंचारिया, जोधपुर और उनके परिवार द्वारा छप्पन भोग का आयोजन किया गया। लाभार्थी परिवार ने मंदिर प्रांगण के सभी मंदिरों में पारंपरिक विधि-विधान से छप्पन भोग अर्पित कर मां जसोल की पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर में दर्शन के लिए आए हजारों श्रद्धालुओं को भोग प्रसाद वितरित किया गया। प्रसाद वितरण की व्यवस्था सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।


