माता-पिता की सेवा, सहयोग व समर्पण की सीख देती है नानी बाई को मायरो कथा : उपेंद्र पांडिया

भास्कर न्यूज | सादुलपुर पिलानी रोड स्थित बाबा संतोषनाथ आश्रम पंचमुखी हनुमान मंदिर में महंत संतोषनाथ की पुण्यतिथि पर चल रही नानी बाई को मायरो कथा का समापन बुधवार को हुआ। महंत संजयनाथ महाराज के सानिध्य में चल रही कथा के अंतिम दिन कथावाचक उपेंद्र पांडिया ने कहा कि यह कथा गोमाता, माता-पिता, सास-ससुर, बड़े- बुजुर्गों की सेवा, सहयोग और समर्पण की सीख देती है। उन्होंने कहा कि नरसी मेहता में भगवान के प्रति समर्पण की भावना थी तथा अटूट विश्वास था। जब नरसी भक्त पर संकट आया, तो उसकी अटूट भक्ति के चलते भगवान श्रीकृष्ण को स्वयं आकर मायरा भरना पड़ा। महंत संजयनाथ ने कथावाचक का सम्मान किया। इस मौके पर ब्रकु शोभा बहन, साधु-संत व श्रद्धालु उपस्थित थे। इधर, यज्ञाचार्य पं. रवि शास्त्री ने पंचकुंडीय हनुमत महायज्ञ में आहुतियां दिलवाई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। महंत संजयनाथ ने बताया कि गुरुवार सुबह आठ बजे से फागोत्सव कार्यक्रम होगा, जिसमें आस-पास की ढप मंडलियां अपनी प्रस्तुतियां देगी। सुबह 11.15 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। 11.55 बजे संत पूजन व भंडारा लगेगा।

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