दौसा के बालिका आदर्श विद्या मंदिर में मातृभाषा गौरव जागरण को लेकर प्रबुद्ध जन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थाई पूर्णकालिक लोक अदालत के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा और मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान क्षेत्र के प्रौढ कार्य प्रमुख कैलाश चंद्र रहे। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता ने कहा कि मां, मातृभूमि और मातृभाषा हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। मातृभाषा से मानव का विकास संभव है। मातृभाषा के अभाव में मानव का पूर्ण विकास संभव नहीं है। सनातन सत्य के बारे में बताते हुए कहा कि ज्ञान की खोज के लिए किसी भाषा की आवश्यकता नहीं, खोजे गए ज्ञान का प्रसार करने के लिए भाषा की आवश्यकता है। संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति करनी है तो संस्कृत भाषा ही है, जिसमें संपूर्ण ज्ञान निहित है। ज्ञान देने के लिए भाषा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल आधार भाषा है और वह भाषा केवल मातृभाषा यानी परिवेश में सीखी गई भाषा है। मानव जन्म के बाद पहली भाषा सीखने वाली मां है और वह भाषा मातृभाषा है। यह वह भाषा है जिसे बिना पढ़ाये ही मनुष्य पढ लेता है। मन के उदगार मन की बात कहने में कोई भाषा है तो वह मातृभाषा है। आज के परिवेश में भारतीय संस्कृति व संस्कारों के बारे में शिक्षा देने वाली कोई शिक्षण संस्थाओं की जरूरत है। कार्यक्रम में मातृभाषा गौरव जागरण पुस्तिका का विमोचन भी किया गया सम्मेलन में एएसपी लोकेश सोनवाल, अपर लोक अभियोजक गोपाललाल शर्मा व आदर्श शिक्षा समिति के व्यवस्थापक राजेन्द्र कुमार सोनी, जिला सचिव कमलेश गौतम, जिला संघचालक भगवान सहाय सैनी, सुशील शर्मा, जगदीश मीणा, सुरेश शर्मा, दुर्गा प्रसाद सैनी, राकेश शर्मा, ओम प्रकाश गुप्ता समेत प्रौद्योगिकी की विभिन्न श्रेणियों में आमंत्रित अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, पेंशनर, प्रोफेसर और भारत विकास परिषद समेत जुडे लोग शामिल हुए। संचालन प्रधानाचार्य गिरिराज प्रसाद गुर्जर ने किया।


