मानसा ब्लॉक समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को शिरोमणि अकाली दल द्वारा धक्केशाही के आरोपों और बहिष्कार के बाद रद्द कर दिया गया। अकाली दल ने जिला प्रशासन और मानसा के विधायक पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, मानसा के विधायक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। यह चुनाव मानसा की 25 सदस्यों वाली ब्लॉक समिति में से शिरोमणि अकाली दल ने 13 सीटें जीती थीं, जबकि आम आदमी पार्टी को 8 सीटें मिली थीं। कांग्रेस ने 2, एक निर्दलीय और एक आप उम्मीदवार ने सर्वसम्मति से जीत हासिल की थी। अकाली दल का दावा है कि उनके पास बहुमत है। सरकार पर धक्केशाही का आरोप शिरोमणि अकाली दल के ब्लॉक समिति सदस्यों और हलका इंचार्ज प्रेम कुमार अरोड़ा व कर्मजीत कौर समाओ ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार जिला प्रशासन के साथ मिलकर धक्केशाही कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव केंद्र में वीडियोग्राफी नहीं की जा रही थी। मतपत्रों के माध्यम से मतदान होना चाहिए था। हालांकि, मानसा के विधायक और उनके पीए चुनाव को अपनी मौजूदगी में कराने पर अड़े थे। मानसा विधायक बोले- उनके पास बहुमत है, चुनाव पारदर्शी तरीके से हो रहा दूसरी ओर, मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला ने अकाली दल के आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव पारदर्शी तरीके से हो रहा है और उनके पास बहुमत है। डॉ. सिंगला ने यह भी कहा कि वीडियोग्राफी करवाना प्रशासन का काम है, विधायक का नहीं। हालांकि ब्लाक समिति में आम आदमी पार्टी के आठ सदस्य ही हैं।


