वुमनारी फोरम की संस्थापक नीलम सक्सेना के नेतृत्व में और कलाकार नीतू आहूजा के सहयोग से द हीलिंग स्ट्रोक्स नामक कला कार्यशाला का आयोजन जवाहर कला केंद्र (जेकेके) में किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य कला के माध्यम से तनाव मुक्ति और मानसिक शांति को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान नीतू आहूजा ने अपनी कलात्मक यात्रा और भावनात्मक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने रंग संयोजन और मिक्सिंग तकनीक पर विशेष सत्र लिया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त करते हुए प्रदत्त कलाकृतियों पर विभिन्न रंगों से चित्रकारी की। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि आरएएस पंकज ओझा, अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान ने शिरकत की। उनका स्वागत डॉ. शालिनी माथुर ने किया। उन्होंने वुमनारी फोरम के कार्यों की सराहना की और नीतू आहूजा की कला प्रदर्शनी के समापन समारोह का नेतृत्व किया। इसके अलावा, डॉ. रजनीश हर्ष, सचिव, राजस्थान ललित कला अकादमी एवं प्रसिद्ध कलाकार भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संस्थापक नीलम सक्सेना ने कहा कि यह कार्यशाला इस विचार पर आधारित थी कि कला एक प्रभावी तनावमुक्ति माध्यम है और थेरेपी के रूप में कार्य करती है। कार्यक्रम का समापन संगीत संध्या के साथ हुआ, जिसने इस आयोजन को और भी यादगार और भावनात्मक रूप से समृद्ध बना दिया।


