कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के आइडिएशन समूह की ओर से संगथ एन.जी.ओ. के प्रोजेक्ट-प्रेसेन्स के तत्वावधान में बुधवार को ‘आत्महत्या संवेदनशीलता और रोकथाम’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल द्वारा छात्राओं को इस संवेदनशील विषय की महत्ता बताई और छात्राओं को प्रशिक्षक के रूप में अपने समूह और परिवार में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में डॉ. मोहिता चतुर्वेदी शर्मा की ओर से संगथ एन. जी.ओ. के प्रशिक्षक अंकित शर्मा और मोहम्मद जुनैद अख्तर का स्वागत किया गया। इस कार्यशाला के प्रमुख वक्ता प्रकृति, अनुपमा शुक्ला एवं प्रेरणा जैन रहे। अंकित शर्मा ने एक कविता की पंक्तियों ‘असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी है इसमें सुधार करो तुम’ के साथ शुरुआत की और उन्होंने जीवन का अर्थ बताते हुए, उसके महत्व पर बल दिया। वक्ता प्रकृति की ओर से मानसिक स्वास्थ्य पर छात्राओं से वार्ता की गई और छात्राओं से इस विषय पर अपने विचार लिखवाए। इस कार्यशाला में अनुपमा शुक्ला द्वारा आत्महत्या से जुड़े मिथ और वास्तविकता से संबंधित विचारों पर गतिविधि आयोजित की जिसके अंतर्गत छात्राओं ने सक्रिय रूप से अपने विचार व अनुभव भी साझा किए। वक्ता द्वारा आत्महत्या के पूर्व, व्यक्ति द्वारा दिए गए साइन, परिस्थितियां और इसके कारणों पर बात की। कार्यशाला में कुल 30 छात्राओं ने भाग लिया।


