जिले को नशा मुक्त करने के लिए हनुमानगढ़ के जिला कलेक्टर कानाराम ने प्रतिबंधित दवाओं और नशा मुक्ति केंद्रों के दवा स्टॉक पर निगरानी के लिए मानस ई-आरोग्य पोर्टल शुरू किया है। प्रदेश में हनुमानगढ़ ऐसा पहला जिला है, जहां इस तरह का नवाचार किया गया है। दरअसल, जिले के युवाओं में प्रतिबंधित दवाओं का नशे के रूप में दुरुपयोग काफी बढ़ना एक चिंता का विषय बन गया। ऐसे में नशे के रूप में बिकने वाली दवाओं पर रोक की मांग लगातार उठती रही है। इसे देखते हुए कलेक्टर कानाराम ने 5 अक्टूबर को मानस ई-आरोग्य पोर्टल की शुरुआत की। इसके परिणाम ये है कि वर्तमान में 19 क्लिनिक, 25 मनोचिकित्सक, लगभग 15 हजार मरीज इसे सक्रिय रूप से उपयोग में ले रहे हैं, जिससे नशे के रूप में उपयोग होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर लगाम लगी है। ऐसे काम करता है मानस ई-आरोग्य पोर्टल: पोर्टल के तहत जिले के मनोचिकित्सक को लॉग-इन आईडी दी गई है। जब इनके पास कोई नशे का आदी रोगी आता है तो उसका आधार कार्ड लेकर उसका सारा रिकॉर्ड रख लेते हैं। इसके अलावा कौनसी दवा दी गई है। इसका ब्योरा भी रखा जाता है।


