माफिया पर छापा, 1.65 करोड़ की रेत नष्ट:भास्कर खुलासे के बाद 250 पुलिसकर्मी-अफसर पहुंचे, 6 JCB से गड्ढे खोदकर रास्ते किए ब्लॉक

मुरैना के चंबल राजघाट पर अवैध रेत उत्खनन को लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर सोमवार सुबह 6 बजे टास्क फोर्स ने राजघाट में बड़ा ऑपरेशन शुरू किया। राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से डंप की गई रेत को नष्ट किया। कार्रवाई के दौरान करीब 5,500 से अधिक ट्रॉलियों की रेत, जिसकी कीमत लगभग 1.65 करोड़ रुपए आंकी गई, दोपहर 12 बजे तक नष्ट कर दी गई। भास्कर डिजिटल की खबर के बाद एक्शन दरअसल, दैनिक भास्कर डिजिटल ने चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन का मामला 2 जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने अर्जेंट टास्क फोर्स की बैठक बुलाकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। टास्क फोर्स टीम सोमवार को सुबह 6 बजे चंबल राजघाट पहुंची। रेत खदान पर कोई खुदाई करने वाली मशीन नहीं मिली, लेकिन रेत माफिया ने पहले ही वहां रेत डंप कर रखी थी। प्रशासनिक टीम ने दोपहर 12 बजे तक अवैध रूप से निकाली गई 5,500 से ज्यादा ट्रॉलियों रेत को नष्ट कर दिया। 250 से अधिक पुलिस जवान तैनात कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए मौके पर 250 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई। पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा। यह पूरी कार्रवाई वन विभाग के डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में की गई। टास्क फोर्स टीम ने 6 JCB का इस्तेमाल किया टास्क फोर्स ने अवैध रूप से निकाली गई रेत को नष्ट करने के लिए 6 JCB मशीनों का इस्तेमाल किया। रेत माफिया द्वारा चंबल नदी तक पहुंचने के लिए बनाए गए रास्तों को भी JCB की मदद से पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया। रेत माफिया के बनाए गए अस्थायी रास्तों को गहरे गड्ढे कर बंद कर दिया गया, ताकि नदी तक टैक्टर और गाड़ियों की आवाजाही न हो सके। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से रेत माफिया में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान कोई भी उत्खनन करने मौके पर नहीं पहुंचा। अवैध रेत उत्खनन रोकने 15 दिन तक चलेगा अभियान वन विभाग के डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया गया है। चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए यह कार्रवाई लगातार 15 दिन तक जारी रहेगी। डीएफओ ने बताया कि रेत उत्खनन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए वन विभाग को पुलिस बल की आवश्यकता होती है। आज पर्याप्त पुलिस बल मिलने के कारण यह बड़ी कार्रवाई संभव हो पाई है और आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा।
………………………………………… ये खबर भी पढ़ें चंबल में 100 ट्रैक्टर- डंपरों का VIDEO चंबल नदी में अवैध रेत खनन खुल्लमखुल्ला जारी है। दिनभर 1000 से ज्यादा डंपर, ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जेसीबी की मदद से नदी से रेत निकालकर ले जा रही हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि एसपी कार्यालय, 6 थानों, पुलिस चौकियों और वन विभाग के डीएफओ ऑफिस के सामने से ये वाहन बेरोकटोक गुजरते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। हाईकोर्ट और एनजीटी द्वारा चंबल घड़ियाल सेंचुरी में रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद माफिया बेखौफ है। राजघाट क्षेत्र में दिनदहाड़े सैकड़ों वाहन कतार में खड़े दिखे। स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन और माफिया की मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। अवैध खनन से नदी, वन्यजीव और कानून व्यवस्था तीनों खतरे में हैं। पढ़े पुरी खबर…

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