राजस्थान में भाई-बहन के प्रेम की दो तस्वीरें सामने आईं। ये तस्वीरें हैं मायरे के रस्म की। एक तस्वीर है भीलवाड़ा की, जहां भाई अपने बहन के घर सजी-धजी बैलगाड़ियों में मायरे लेकर पहुंचे। दूसरी तस्वीर बीकानेर की है, जहां भाइयों ने मायरे में 75 लाख से ज्यादा का भात भरा। पहले यह जानना जरूरी 1. भीलवाड़ा में मायरा भरने बैलगाड़ियों से पहुंचे भाई भीलवाड़ा की सड़क पर अचानक सजी-धजी बैलगाड़ियां, नाचते गाते लोग और कच्छी डांस का माहौल देखा तो लोग ठिठक गए। शहर के माणिक्य नगर के माली खेड़ा इलाके से माली परिवार के सदस्य 2 किलोमीटर दूर कुंवाडा रोड राधेश्याम वाटिका इलाके में रहने वाली अपनी बहन के घर मायरा भरने जा रहे थे। तीन भाई कालू माली, भेरू माली, बंशी माली और उनके परिवारों के सदस्य पांच बैलगाड़ियों पर सवार होकर निकले थे। बैलगाड़ियों पर मायरे का सामान था। आगे-आगे लोक कलाकार मशक की धुन बजाते और कच्छी डांस करते चल रहे थे। मायरा लेकर पहुंचे कालू माली ने बताया- शादी ब्याह की सभी रस्में हमारी पुरानी परंपराएं हैं। हम भाई बहन का प्यार भी काफी पुराना है। पुराने समय में बैलगाड़ी पर लोग आते-जाते थे। इसी परंपरा को हमारे बच्चे सीखें और अपनाएं। इसीलिए तय किया कि बहन के घर भांजी की शादी में बैलगाड़ियों से जाएंगे। लग्जरी कारों के जमाने में माली परिवार का यह बैलगाड़ियों वाला काफिला देखकर हर किसी को सुखद एहसास हुआ। माली परिवार भांजी के विवाह कार्यक्रम में शंकर माली रायला वाले के यहां पहुंचा और सभी रस्में पूरी की। देखें तस्वीरें.. 2. बीकानेर में भरा 75 लाख से ज्यादा का मायरा मायरा भरने की दूसरी तस्वीर बीकानेर से सामने आए। इलाका जरूर रेतीला है लेकिन भाई-बहन का प्यार नीरस नहीं। यहां मूंडसर गांव का मायरा चर्चा में है। मूंडसर में स्वरूपदेसर गांव के कालूराम सियाग ने अपनी बहन के दो बेटों और एक बेटी की शादी में 51 लाख रुपए कैश दिए। साथ ही 25 लाख रुपए के सोने के गहने भेंट किए। मुंडसर गांव में 19 फरवरी को किसान धर्मपाल मूंड ने अपने दो बेटों और एक बेटी की शादी एक साथ की। इस मौके पर स्वरूपदेसर गांव से कालूराम सियाग अपनी बहन का मायरा भरने पहुंचे। उन्होंने थाल में 51 लाख रुपए नकद और करीब 25 लाख के गहने रख दिए। छोटे से गांव में मामा कालूराम का बड़ा दिल देख लोग मोबाइल कैमरा से वीडियो बनाने लगे।


