मारपीट और किडनैपिंग केस में चारों आरोपियों को मिली सजा:पेड़ काटने को लेकर हुई थी बहसबाजी, 75 हजार रुपए का लगाया जुर्माना

अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 के जज विनोद कुमार बैरवा ने करीब साढ़े चार साल पुराने गंगरार थाना क्षेत्र के किडनैपिंग और मारपीट के मामले में एक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही, हर आरोपी पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 6 अक्टूबर 2021 का है, जब खेत की मेड़ पर खड़े एक पेड़ को काटने की बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हुई थी। इसी छोटी सी बात ने आगे चलकर गंभीर झगड़े का रूप ले लिया। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए यह सजा सुनाई। गुरुवार को खुले न्यायालय में फैसला सुनाया गया, जिसे सुनने के लिए दोनों पक्षों के लोग मौजूद थे। खेत में हुई कहासुनी से शुरू हुआ पूरा मामला मामले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक ममता जीनगर ने बताया कि 6 अक्टूबर 2021 को जगदीश जाट ने गंगरार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसके गांव में कालूराम जाट और भैरूलाल जाट के खेत पास-पास हैं। खेत की मेड़ पर खड़े पेड़ को काटने को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई थी। उसी दिन कालूराम जाट अपनी मोटरसाइकिल से सुदरी गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक फैक्ट्री के पास एक कार ने उनकी बाइक को रोक लिया। कार चला रहा रतन सिंह था। कार से दो लोग नीचे उतरे, जिन्होंने कालूराम को जबरन पकड़कर गाड़ी में बैठा लिया और सुदरी की तरफ ले गए। इस घटना की जानकारी मिलने पर कालूराम के बेटे देवकरण और जगदीश जाट उसकी तलाश में निकले। कुछ दूरी पर कच्चे रास्ते के पास कालूराम घायल हालत में पड़े मिले। उन्हें पहले गंगरार हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चित्तौड़गढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस जांच, गवाह को देखकर अदालत ने सुनाया फैसला रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गंगरार थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में रायपुरिया निवासी रतन सिंह, सुदरी निवासी रतन लाल उर्फ भैरूलाल, रायपुरिया निवासी कान सिंह और रायपुरिया निवासी धनराज को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह पेश किए और 49 दस्तावेज अदालत में जमा कराए। सभी सबूतों और गवाहों को देखने के बाद अदालत ने पाया कि चारों आरोपी अपहरण और मारपीट में शामिल थे। इसके बाद अदालत ने उन्हें चार साल की सजा और 75 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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