मार्च से नए आईएसबीटी से दौड़ेंगी 200 बसें:इंदौर में ट्रैफिक का दबाव होगा कम; विभागों की समन्वय बैठक में फ्लाईओवर पर भी चर्चा

इंदौर संभागायुक्त ऑफिस में बुधवार को आईडीए, जिला प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग सहित अन्य विभागों की समन्वय समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता संभागायुक्त दीपक सिंह ने की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि, आईडीए, नगर निगम, वन विभाग आदि विभाग आपसी समन्वय के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखते हुए काम करें। अधिकारी खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करें और लगातार उसकी निगरानी करें। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि, कुमेड़ी स्थित आईएसबीटी लगभग बनकर तैयार हो गया है। मॉडर्न सुविधाओं से युक्त इस बस स्टैंड का संचालन अगले महीने के मध्य में शुरू हो जाएगा। शुरुआत में इस बस स्टैंड से गुजरात, राजस्थान और दिल्ली जाने वाली लगभग 200 बसें संचालित होगी। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य राज्यों की ओर जाने वाली बसों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। इस बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.पी.अहिरवार, चीफ इंजीनियर डी.आर लोधी, वन मंडल अधिकारी बीरेंद्र के.पटेल सहित संबंधित डिपार्टमेंट के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त ने सभी डिपार्टमेंट्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट देखी और उनकी समीक्षा की। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी संभागायुक्त ने बस स्टैंड को लेकर निर्देश दिए हैं कि, यात्रियों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यात्रियों और बस संचालकों की सुविधा के साथ-साथ शहर के ट्रैफिक सुधार को ध्यान में रखते हुए, इस बस स्टैंड से बसों का संचालन किया जाना लाभदायक होगा। आईएसबीटी के समीप वाहन संचालकों को बस पार्किंग की सुविधा प्रदान करने के लिए आईडीए द्वारा स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, आईएसबीटी तक यात्रियों की सुविधा के लिए सिटी बस, ऑटो, ई-रिक्शा आदि सार्वजनिक परिवहन के साधनों की कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में फ्लाई ओवर पर भी हुई चर्चा संभागायुक्त दीपक सिंह ने बताया कि, सीनियर सिटिजन बिल्डिंग का काम 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इस बिल्डिंग में 32 फ्लैट है, जिसमें सभी तरह की मूलभूत सुविधाएं हैं। इसमें सौर प्लांट लगाया जाएगा, ताकि ऊर्जा की बचत के साथ-साथ पर्यावरण में भी सुधार हो। वे बोले- आईडीए और नगर निगम की योजनाओं में बाधक आने वाले अतिक्रमण को हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के दौरान जिन गरीबों के आवास हटेंगे, उन्हें मूल स्थान पर विस्थापित कर पीएम आवास योजना 2.0 के आवास दिए जाएंगे। बैठक में बड़ा गणपति पर प्रस्तावित फ्लाई ओवर पर भी बातचीत हुई। अगले एक पखवाड़े में इसकी डीपीआर बनाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। आईडीए, नगर निगम के सहयोग से यह काम किया जाएगा। बैठक में एमआर-11, एमआर-12 पर भी चर्चा हुई। बैठक में अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने अपने सुझाव भी दिए।

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