माशिम दफ्तर में NSUI का हंगामा, बोर्ड पर फेंकी कालिख:बोर्ड परीक्षा शुल्क बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन; पुलिस से हुई झूमा-झटकी

बोर्ड परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी के विरोध में एनएसयूआई ने शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) दफ्तर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दफ्तर के बोर्ड पर कालिख पोतकर विरोध जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जैसे ही कार्यकर्ता बोर्ड पर कालिख लगाने लगे, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान झूमा-झटकी भी हुई। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। क्या है पूरा मामला? छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने करीब पांच साल बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की है। यह नई दरें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगी। अब कितनी देनी होगी फीस? नियमित विद्यार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपए देने होंगे।
पहले यह राशि 460 रुपए थी। आवेदन फॉर्म शुल्क 80 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। प्रवेश पत्र की दूसरी प्रति का शुल्क पहले की तरह 80 रुपए ही रहेगा। कार्यपालिका समिति की बैठक में फैसला परीक्षा शुल्क बढ़ाने का निर्णय माशिम की कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया। समिति ने करीब 22 मदों में शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी है। इनमें नामांकन शुल्क, अतिरिक्त विषय, द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा, स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क शामिल हैं। स्वाध्यायी छात्रों पर भी असर स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों का पंजीयन और अनुमति शुल्क 560 रुपए से बढ़ाकर 800 रुपए कर दिया गया है। राज्य के नए और राज्य से बाहर के छात्रों के लिए यह शुल्क 1,540 रुपए से बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। विषयवार शुल्क में बढ़ोतरी एक विषय की परीक्षा: 280 → 400 रुपए दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 340 → 600 रुपए पांच साल बाद बढ़ा शुल्क माशिम ने इससे पहले वर्ष 2021 में परीक्षा शुल्क बढ़ाया था। पांच साल बाद दोबारा फीस बढ़ने से छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है। एनएसयूआई ने बढ़ी हुई फीस को वापस लेने की मांग की है और कहा है कि यदि निर्णय नहीं बदला गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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