6 साल की मासूम के साथ दरिंदगी के मामले में परिजन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि बच्ची का चाचा उसके साथ दरिंदगी नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को दबाने के लिए चाचा को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में आरोपी कोई और है। इधर, एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि पुलिस ने तथ्यों के आधार पर ही आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपी के खिलाफ और पुख्ता सबूत जुटाने के लिए महिला एएसपी पद्मश्री तंवर के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एसआईटी गठित की है। इस बीच, डीजीपी दुर्ग पहुंचे, उन्होंने अधिकारियों को मामले तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर, परिजन ने कार मालिक पर वारदात में शामिल होने की आशंका जाहिर की। बच्ची की मां ने कहा कि जिस गाड़ी से बच्ची का शव मिला। पुलिस उसे बचाने में जुटी रही। घटना उजागर होने के बाद पूछताछ के नाम पर जिन पांच लोगों को उठाया, उनमें उसकी 8 साल की ननद भी थी। आरोप लगाया कि उस बच्ची के साथ भी पुलिस वालों ने दुर्व्यवहार किया। मामले के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस की तरफ से महिला विधायकों की पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। बुधवार को समिति के सदस्य पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस जांच समिति एसपी जितेंद्र शुक्ला से भी मिली। उन्होंने एसपी से मामले में निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की। कांग्रेस जांच समित संयोजक व बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि जांच के नाम पर पीड़ित परिवार को ही प्रताड़ित किया गया। रात ढाई बजे पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों को उठाकर ले गई। पूछताछ के नाम पर 8 साल की ननद को पटरी सुलाने की धमकी: बच्ची की मां ने कहा है कि उसके देवर को फंसाया जा रहा है, इसलिए हमने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिसने कुछ नहीं किया, पुलिस ने उसे आरोपी बना दिया। जिसकी गाड़ी में बच्ची मिली, उसे छोड़ दिया। देवर उसकी बेटी के साथ बाप-बेटी वाला रिश्ता रखता था। जिस दिन बच्ची लापता हुई, उस दिन हमारे पूरे परिवार को उठाकर ले गए, उनके साथ मारपीट की। 8 साल की ननद को प्रताड़ित किया। उसे रेलवे ट्रैक की पटरी पर सुलाने तक की धमकी दी। भाई ने बच्ची को गोद में रखकर पाला: पिता मृतक के पिता के मुताबिक उसका भाई ऐसा कर ही नहीं सकता। बचपन से उसकी बेटी चाचा के हाथ में खेलती-कूदती बड़ी हुई है। वही उसे नहलाता-धुलाता और तैयार करता था। वो भी उसे अपनी बेटी की तरह दुलार करता था। ऐसे में वो ऐसा कृत्य नहीं कर सकते। पुलिस ने अपनी आफत टालने के लिए आरोपी बना दिया। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया। विवेचना के दौरान बच्ची के चाचा के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद उसके विरुद्ध अपराध दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया। अब एसआईटी का गठन भी कर दिया है, ताकि जल्द से जल्द चार्जशीट पेश कर आरोपी को सजा दिलाई जाए। -जितेंद्र शुक्ला, एसपी दुर्ग


