मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास:न्यायालय ने छह महीने में सुनाया फैसला, जुर्माना भी लगाया

भिंड में चार साल से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले 23 साल के आरोपी को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला सप्तम अपर सत्र विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) मनोज कुमार तिवारी के न्यायालय ने सुनाई है। प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक पाक्सो कल्पना दीक्षित ने की है। मीडिया सेल प्रभारी प्रवीण कुमार गुप्ता ने बताया कि 27 जून 2024 की सुबह करीब 11ः30 बजे महिला अपनी 3 साल 10 माह की बेटी और तीन माह के बेटे को नहला रही थी। जब महिला बेटे को नहला रही थी, तभी बेटी सामने वाले घर में अपनी सहेली के साथ खेलने चली गई। इस दौरान बेटी के रोने की आवाज आई। गांव के ही लड़के ने रेप किया महिला ने दरवाजे पर देखा तो बेटी नहीं दिखी और उसके रोने की आवाज भी बंद हो गई। करीब आधे घंटे बाद उसकी बेटी रोते हुए अपने पहने हुए कपड़े हाथ में लेकर नग्न अवस्था में घर लौटी। बच्ची के कपड़े और शरीर पर भूसा लगा हुआ था। उसने अपनी बेटी से पूछा क्या हुआ तो उसने बताया कि वह अपनी सहेली के दरवाजे पर झूला झूल रही थी, तभी गांव का माेंटी आया और उसके पकड़कर भूसा वाली जगह पर ले गया और उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद मोंटी वहां से भाग गया। आजीवन कारावास और 20 हजार का जुर्माना महिला बेटी के साथ फूफ थाने पहुंची और आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण न्यायालय में पेश किया। सप्तम अपर सत्र विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपित 23 वर्षीय मोंटी उर्फ सूरज सिंह पिता अजमेर सिंह भदौरिया निवासी गौहरा थाना फूफ जिला भिंड को अंतिम सांस तक जेल में रहने की आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए बीस हजार रुपए का जुर्माना किया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *