भास्कर न्यूज। कोरबा गवर्नमेंट मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज के सामने और बाउंड्रीवॉल के किनारे लगने वाली दुकानें गुरुवार को नहीं लगीं। कई व्यापारी दुकान सजाना शुरू भी कर दिए थे, लेकिन कुछ देर बाद वे अपना सामान समेटकर चले गए। कुछ ने स्थाई शेड (प्लास्टिक) तक बना लिए थे, वे भी अपना अतिक्रमण हटाकर कहीं और चले गए। खास बात यह रही कि मौके पर न तो नगर निगम का कोई अमला नजर आया और ना ही कोई तोड़ू दस्ता। इसके बाद भी सुबह 11.30 बजे दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों के सामान समेटते नजर आए। गर्ल्स कॉलेज के एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह कुछ लोग आए, जिन्होंने दुकानदारों को वहां से हटने कह रहे थे। संभवत: वे नगर निगम के ही लोग थे। इसके बाद से दुकानदार एक-एक कर अपना-अपना सामान हटाते चले गए। ज्ञात हो कि मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र तिवारी सहित कॉलेज के जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष वर्षा दिनेश वैष्णव, पूर्व पार्षद व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष दिनेश वैष्णव ने निगम आयुक्त व महापौर को पत्र लिखकर मांग कर चुके थे। प्राचार्य ने तो बताया था कि चालू सत्र में ही 3 बार नगर प्रशासन से मांग कर चुके हैं। नगर प्रशासन द्वारा कॉलेज के सामने बढ़ते अतिक्रमण को हटाने को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही थी। इसके कारण घंटाघर की ओर से कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं के साथ ही कॉलेज स्टाफ को परेशानी हो रही थी। फुटपाथ पर दुकानों के सजने से पैदल आने-जाने वाली छात्राओं के साथ अक्सर दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। इस परेशानी को लेकर भास्कर ने 6 फरवरी शुक्रवार के अंक में मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज बना डेली मार्केट, प्रवेश द्वार तक दुकानदारों का ही कब्जा और 12 फरवरी गुरुवार के अंक में गर्ल्स कॉलेज नहीं हुआ कब्जा मुक्त, बाउंड्रीवॉल के किनारे ठेलों में बिक रहा है तंबाकू उत्पाद शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। दोबारा अतिक्रमण न हो इस पर भी देना होगा ध्यान गुरुवार को नगरीय प्रशासन की कार्रवाई से मिनीमाता गर्ल्स कॉलेज मुक्त तो हो गया है, लेकिन इसे लेकर संदेह है कि आगे वहां अतिक्रमण नहीं होगा। इस ओर नगर निगम के अधिकारियों को ध्यान देना होगा, अन्यथा कुछ दिन बाद फिर से दुकानदारों का कब्जा हो जाएगा। कॉलेज के सामने से दुकानें तो हट गईं, लेकिन घंटाघर से लगी कॉलेज का बाउंड्रीवॉल के किनारे की गुमटियांे को भी वहां से हटाना होगा। हालांकि गुमटी के दुकानदारों ने भी गुरुवार को दुकानें बंद कर दिए थे। आवागमन सुगम बनाने फुटपाथ पर लगी स्थाई गुमटियों को भी हटाना जरूरी है।


