बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा द्वारा मिनी सचिवालय के संबंध में विधानसभा में लगाए गए अतारांकित प्रश्न संख्या 16/4/46 का का जवाब आ गया है। विधायक शर्मा ने अपने प्रश्न में पूछा था कि क्या वर्तमान जिला कलेक्ट्रेट बूंदी और न्यायालय परिसर को वर्तमान रोडवेज बस स्टैंड की भूमि या कृषि मंडी लंका गेट बूंदी में स्थानांतरित कर दोनों परिसरों को मिलाकर नया मिनी सचिवालय बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर या जनप्रतिनिधियों के पत्रों में ऐसी कोई मांग प्रस्तावित है, और यदि हां, तो उन पत्रों की प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएं। शर्मा के प्रश्न के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान जिला कलेक्ट्रेट बूंदी तथा न्यायालय परिसर को एक करके नया मिनी सचिवालय बनाए जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। दूसरे प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि हां, इस संबंध में विधायक शर्मा का ही एक पत्र प्राप्त हुआ था। जवाब मिलने के बाद विधायक शर्मा ने माननीय मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की कि भले ही अभी तक कोई डीपीआर या कार्ययोजना न बनी हो, लेकिन आगामी बजट घोषणा में मिनी सचिवालय के लिए उचित धनराशि स्वीकृत कर इसे बजट में शामिल किया जाए। शर्मा ने इससे पहले भी एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के एक बयान का उल्लेख किया था। बिरला ने खेल संकुल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान आम जनता को बताया था कि आने वाले राजस्थान के बजट में मिनी सचिवालय के लिए उपयुक्त धनराशि स्वीकृत करवाकर इस कार्य को पूर्ण करवा लिया जाएगा। शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि बजट घोषणा के तत्काल बाद निर्माण कार्य विधिवत और वास्तविक रूप से आरंभ हो, जिसके लिए इस संपूर्ण योजना का डीपीआर बनाया जाना आवश्यक है, क्योंकि डीपीआर बनाने में काफी समय लगता है। अगला बजट आने में अभी लगभग 10 माह की अवधि शेष है। इस अवधि का सदुपयोग हम इस संपूर्ण योजना का डीपीआर बनाने में लगाया जाए ताकि आने वाले बजट घोषणा के पूर्व में डीपीआर का कार्य पूरा हो सके।
अतः शर्मा ने मुख्यमंत्री से मिनी सचिवालय के लिए बजट घोषणा 2026-27 में धनराशि स्वीकृत कर मिनी सचिवालय को शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि- मुझे आशा है कि माननीय मुख्यमंत्री इस बजट में तो बूंदी के लिए मिनी सचिवालय हेतु घोषणा करेंगे।


