भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरुनगरी को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा हवाहवाई साबित हो रहा है। हैरानीजनक है कि आईएएस-पीसीएस अफसरों को ही मिनी सचिवालय परिसर के चारों ओर लगे कूड़े के ढेर नजर नहीं आते। बता दें कि मिनी सचिवालय में खुद डीसी बैठकर फरियादियों की सुनवाई करते हैं। इसके अलावा 2 एसडीएम, एडीसी जनरल, असिस्टेंट कमिश्नर जनरल जैसे उच्च अफसर भी बैठते हैं। एक्साइज, एजुकेशन, महिला एवं बाल सुरक्षा विभाग, जनसांख्यिकी व अन्य विभागों के उच्च अफसर मिनी सचिवालय में बने दफ्तरों में बैठकर काम करते हैं लेकिन शहर को सफाई में नंबर वन बनाने के लिए मीटिंग करने वाले अफसर अपना परिसर ही साफ नहीं करा पा रहे। मिनी सचिवालय परिसर में कूड़े का डंप बनता जा रहा है । बता दें कि बीजेपी के सीनियर लीडर तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया पर मिनी सचिवालय परिसर के अलग-अलग जगहों में कूड़े के ढेर की फोटो डाली है। इस पोस्ट के जरिए यह संदेश दिया है कि जिस दफ्तर से पूरे जिले को स्वच्छ भारत की शपथ दिलाई जाती है, उसी की दहलीज पर कूड़े का पहाड़ प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता सबूत है। सोशल मीडिया में पोस्ट डालने के बाद आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल उठ रहे कि क्या निगम कमिश्नर अब डीसी को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे।


