मथुरा के बांके बिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से कहा गया है कि मिनी स्कर्ट और कटे-फटे जींस पहनकर न आएं। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से मंदिर में मर्यादित कपड़े पहनकर आने का आग्रह किया है। इसके लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश वाले रास्तों पर बैनर लगाए गए हैं। इन पर लिखा है- सभी महिलाएं और पुरुष मंदिर में मर्यादित कपड़े पहनकर आएं। छोटे कपड़े, हॉफ पैंट, बरमूड़ा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस पहनकर न आएं। मंदिर में साड़ी, सूट, पैंट-शर्ट जैसे मर्यादित कपड़े पहनकर ही आएं। यह धर्म स्थल है, पर्यटक स्थल नहीं
बुधवार को बांके बिहारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की नजर गेट नंबर-3 की तरफ जाने वाले रास्ते पर लगे एक बैनर पर गई। मंदिर प्रबंधन के इस बैनर पर लिखा है- यह धार्मिक स्थल है, पर्यटन स्थल नहीं। मंदिर प्रबंधन ने चमड़े की बेल्ट भी न पहनकर आने की अपील की गई है। ब्रज के अन्य मंदिरों में भी की गई थी अपील
मंदिरों में अमर्यादित कपड़े पहनकर न आने की अपील इससे पहले वृंदावन के राधा दामोदर मंदिर, बरसाना के राधा रानी मंदिर में भी की गई थी। इसके लिए मंदिरों में जगह-जगह बैनर भी लगाए गए थे। लेकिन, मंदिर प्रबंधन की अपील का श्रद्धालुओं पर कोई असर नहीं हुआ। मंदिर आने वाले श्रद्धालु अपने मनमाने कपड़े पहनकर ही दर्शन के लिए आ रहे हैं। मर्यादा का होगा पालन, भीड़ भी होगी कम
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, इस तरह का बैनर मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए की गई है। इसके साथ ही यहां आने वाली भीड़ भी नियंत्रित हो सके, इसलिए लगाया गया है। मंदिर के प्रबंधक मुनिश कुमार ने बताया कि कोई भी श्रद्धालु जब मंदिर आता है तो वह तीर्थ करने धर्म स्थल पर आता है। यह पर्यटन स्थल नहीं है। जब आप धर्म स्थल जा रहे हैं तो मर्यादित कपड़े पहने मर्यादा का पालन करें। साल के अंतिम दिनों उमड़ती है भारी भीड़
साल के आखिर में बांके बिहारी के दर्शन करने आने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसीलिए मंदिर प्रबंधन ने बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों से साल के सबसे बड़े आयोजन वाले कार्यक्रमों में दर्शन करने न आने की अपील की है। पिछले साल अपील की गई थी कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। भीड़ के दिनों में बुजुर्ग, दिव्यांग, बच्चे और बीमार व्यक्तियों को न लाएं। मंदिर में इतनी भीड़ उमड़ती है कि बांके बिहारी की कुंज गलियों में पैर रखने की जगह नहीं बचती। स्थानीय नागरिकों को घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ता है। हर वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा से हजारों भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। काई बार पुलिसकर्मियों को भीड़ को काबू करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अब जानिए साल के आखिर में बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने क्या गाइडलाइन करता है हर साल 20 दिसंबर के आसपास बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन एक गाइडलाइन जारी करता है। 10 पॉइंट में जानिए पिछले साल की गाइडलाइन के बारे में… 1 – श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट चार्ट एवं नियमों का पालन करें। 2 – भीड़ के समय बुजुर्ग, दिव्यांगजन, छोटे बच्चों एवं बीमार व्यक्तियों को मंदिर परिसर में ना लाएं। 3 – मंदिर आते समय श्रद्धालु किसी प्रकार का कीमती सामान आभूषण अपने साथ लाए। 4 – श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश एवं निकास हेतु निर्धारित मार्ग का ही प्रयोग करें। 5 – मंदिर के पास जूता चप्पल रखने की कोई व्यवस्था नहीं है कृपया मंदिर में जूता चप्पल पहनकर ना आए उन्हें उचित स्थान पर ही उतार कर आए। 6 – जेबकतरों वह मोबाइल चोरों के सावधान रहे। 7 – बुजुर्गों और बच्चों की जेब में नाम-पता और फोन नंबर की पर्ची लिखकर रखें। 8 – किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना सुरक्षा कर्मचारी या पुलिस को जरूर दें। 9 – खोया पाया केंद्र मंदिर कार्यालय एवं बिहारी जी पुलिस चौकी पर बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर वहां सूचना दें। 10 – रास्ते में खड़े होकर सेल्फी ना लें। दर्शन के बाद मंदिर परिसर और गलियों में खड़े न हों। इससे पहले भी यूपी के मंदिरों में ऐसी अपील हुई है… राधा दामोदर मंदिर के पुजारी बोले- मर्यादा बनाए रखें वृंदावन के राधा दामोदर मंदिर में श्रद्धालुओं से मर्यादित कपड़े पहन कर ही आने की अपील दो साल पहले की गई थी। मंदिर में मुख्य गेट से प्रवेश करते ही एक बोर्ड लगाया गया था। मंदिर में लगाए गए ड्रेस कोड बताने वाले बोर्ड पर एक महिला और पुरुष का प्रतीकात्मक फोटो प्रिंट है। वेस्टर्न कपड़े पहने फोटो पर क्रॉस का निशान है। जिसका मतलब पुरुष नेकर, बरमूडा आदि और महिलाएं शॉर्ट कपड़े पहनकर न आएं। मंदिर के पुजारी ने बताया- यह तीर्थ स्थल है। भगवान कृष्ण का लीला स्थल है। इस जगह की अलग ही मर्यादा है। उसे पालन करना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… मुजफ्फरनगर के बालाजी मंदिर में ड्रेस कोड: मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस में नो एंट्री मुजफ्फरनगर का बालाजी मंदिर दो साल पहले अपील को लेकर चर्चा में है। मंदिर की प्रबंध कमेटी ने भक्तों के ड्रेस कोड के नोटिस बोर्ड लगा दिए। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर लगे बोर्ड में साफ लिखा कि भक्तों की ड्रेस कैसी होनी चाहिए? नोटिस बोर्ड में लिखा है, ‘विनम्र आग्रह- सभी महिलाएं एवं पुरुष मंदिर में मर्यादित वस्त्र पहनकर ही आएं। छोटे वस्त्र जैसे हॉफ पैंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट, कटी-फटी जींस पहनकर मंदिर में न आएं।” पढ़ें पूरी खबर… ————————- यह खबर भी पढ़ें लखनऊ पुलिस से बहस, अजय राय बेहोश हुए, बैरिकेडिंग पर चढ़ गए थे; विधानसभा जा रहे कांग्रेसियों को रोका तो दीवार कूद गए लखनऊ में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय खुद बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। नीचे उतरे तो उनकी पुलिस से बहस हो गई। इसके बाद वो बेहोश हो गए। कार्यकर्ताओं ने उन्हें लिटाया। पानी छिड़का। तब जाकर वो होश में आए। (पूरी खबर पढ़ें)


