मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का इकलौता बाघ फिर रिजर्व से बाहर निकल गया। हालांकि एक दिन बाद विभाग की टीम को जवाहर सागर रेंज में बाघ के पगमार्क मिले है। रेडियोकॉलर नहीं होने के कारण बाघ का सिग्नल नहीं मिल रहा है। विभाग की टीमें बाघ को तलाशने में जुटी है। फारेस्ट सूत्रों की माने तो बाघ एमटी 5 मुकंदरा से निकलर चित्तौड़ के जोगणिया इलाके तक चला गया। रेडियोकॉलर की लाइफ टाइम खत्म हो चुकी मुकंदरा टाइगर रिजर्व डीएफओ मुथु एस ने बताया कि एमटी 5 मुकंदरा के आसपास की टेरिटरी में है।उसकी ट्रेकिंग की जा रही है। उसका रेडियोकॉलर पहले से ही खराब है। रेडियोकॉलर की लाइफ टाइम खत्म हो चुकी। अभी मुकंदरा रिजर्व के करीब जवाहर सागर रेंज में टाइगर के पगमार्क मिले है।मुकंदरा में चित्तौड़ का कुछ एरिया भी आता है। फारेस्ट की 3 टीमें लगातार टाइगर की ट्रेकिंग में लगी हुई है। पगमार्क के हिसाब से ये मंगलवार को मुकंदरा से जवाहर सागर रेंज में गया है। वैसे देखने मे आया है कि सर्दी के समय ये बाघ इसी इलाके में जाता है। पिछली सर्दी में भी इसी इलाके में गया था। ये रास्ता पकड़कर वापस आ जाता है। इस साल एमटी 5 बाघ तीसरी बार मुकंदरा से बाहर निकला बता दें इस साल एमटी 5 बाघ तीसरी बार मुकंदरा से बाहर निकला है। इससे पहले 7 फरवरी को भी एमटी 5 मुकंदरा से घूमता हुआ मध्य प्रदेश के रतनगढ़ होते हुए भीलवाड़ा जिले के जंगलों में चला गया था। तिलस्वा के जंगलों में होता हुआ वापस मुकंदरा लौटा था। इसके बाद जुलाई के महीने के भी एमटी 5 मुकंदरा से निकल गया था। विभाग की टीमें भीलवाड़ा के जंगलों तक बाघ की तलाशी में लगी थी। दो दिन बाद एमटी 5 चंबल किनारे बोराबास रेंज में घूमता दिखाई दिया था।


