भास्कर न्यूज | लुधियाना कंप्यूटर अध्यापक यूनियन और कंप्यूटर अध्यापक संघर्ष समिति ने बताया कि कंप्यूटर अध्यापकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटियों मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लगाई जा रही है। इसको लेकर एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल की तरफ से प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की गई। प्रतिनिधिमंडल ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, एडीसी (जनरल) पूनम सिंह, डीईओ सेकेंडरी डिंपल मदान और उप जिला शिक्षा अधिकारी अमनदीप सिंह से मुलाकात की और मांग पत्र सौंपा। यूनियन के प्रतिनिधियों ने अध्यापक वर्ग की चिंताओं को गंभीरता से रखते हुए पूर्व में दिए गए आश्वासनों की याद दिलाई और अपना पक्ष स्पष्ट किया। समस्त कंप्यूटर अध्यापकों की ओर से मांग की गई कि इन दिनों चल रही परीक्षाओं के मद्देनजर टीचिंग स्टाफ की गैर-शैक्षणिक ड्यूटियां न लगाई जाएं, ताकि अध्यापक अपने मुख्य शैक्षणिक कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 3 फरवरी को डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन की तरफ से कंप्यूटर अध्यापकों की ड्यूटियां समाप्त करने का आश्वासन दिया गया था। अधिकारियों द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि कंप्यूटर अध्यापकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटियां नहीं लगाई जाएंगी और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लेकिन फिर भी अध्यापकों की ड्यूटियां नहीं हटाई गईं। इस संबंध में यूनियन की तरफ से जिला शिक्षा कार्यालय में भी मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने की मांग दोहराई गई। प्रतिनिधिमंडल में विपन पाल गुरु, जसविंदर सिंह, हर राय कुमार, रंजन भनोट, अमित कुमार, जसप्रीत सिंह रज्जोवाल, गुरजोत सिंह औजला, वरुण शर्मा, नविंदर सिंह, गौतम सौफत, यादविंदर सिंह, सर्वर सिंह, रुपिंदर सिंह, बलजिंदर सिंह, तजिंदर सिंह, बलविंदर सिंह, वरिंदर सिंह मौजूद रहे।


