जिला जेल में बंद कैदियों के लिए विशेष कार्यक्रमों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया एवं इसके अलावा विधिक जागरूकता का भी लाभ उन्हें दिया गया है। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल में बंद कैदियों से मुलाकात की। उनके आचरण व्यवहार के बारे में उनसे चर्चा की। साथ ही जेल में बंद कैदियों को किस प्रकार से उन्हें रखा जाता है इसके बारे में भी उन्होंने निरीक्षण किया है। उनके साथ जिला के अंतर्गत कई न्यायिक मजिस्ट्रेट भी साथ रहे हैं जहां पर अलग-अलग बिंदुओं पर जेल के अधीक्षक से चर्चा हुई है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार किया गया है। जिसमे चिकित्सा विभाग, जेल प्रशासन के सहयोग एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीधी संजीव कुमार पाण्डेय भी मौजूद रहे हैं। जागरूकता शिविर में बंदियों को विधिक सहायता, उनके अधिकार, अपीलीय अधिकार, जमानत के अधिकार, प्ली वार्गेनिंग तथा सालसा की योजना की जानकारी दी गई। बंदियों से अधिवक्ता, जेल में भोजन की गुणवत्ता चिकित्सकीय मेल-मिलाप तथा अन्य समस्याओं के संबंध में पूछताछ की गई। उक्त विशेष चिकित्सकीय परीक्षण शिविर में महिला एवं पुरूष बंदियों का एच.आई.वी., कैंसर, टी.बी. तथा अन्य बीमारी के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जाॅंच की जाकर बंदियों को दवा उपलब्ध कराई गई। शिविर मे मुख्यरूप से वीरेन्द्र जोशी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लक्ष्मण डोडवे, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोनू जैन, सिद्धार्थ शुक्ला जिला विधिक सहायता अधिकारी, जिला चिकित्सालय के चिकित्सकीय विशेषज्ञ हरिओम सिंह एवं अंकिता सिंह तथा जेल अधीक्षक रविशंकर सिंह, उप जेल अधीक्षक कृष्ण कुमार तिवारी मौजूद रहे है।


