“मुझे जीना था, अपनों ने जीने नहीं दिया”:पुलिस का दावा- व्यापारी के पास मिला सुसाइड नोट; लाश मिलने के 1 घंटे बाद बैंक में लगा चेक

“जो हुआ अच्छा हुआ, जिसने किया अच्छा किया। मुझे जीना था, पर अपनों ने जीने नहीं दिया…किसी का पैसा बाकी नहीं रहता, जिनसे लेना था, उन लोगों ने नहीं दिया।” ये लाइन 27 वर्षीय लहसुन व्यापारी शिवम राठौड़ के सुसाइड नोट में लिखी बताई जा रही हैं। 13 फरवरी को नामली में रेलवे ब्रिज के पास उसका शव मिला था। घटना को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मौत की गुत्थी अब भी उलझी हुई है। परिजन इसे हत्या बता रहे हैं, जबकि पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मान रही है। परिवार और समाज के विरोध के बाद 5 लोगों के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ है। इनमें दो गिरफ्तार हो चुके हैं। दैनिक भास्कर की टीम इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए नामली पहुंची। शिवम के परिवार से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… पराग के बुलावे पर गया शिवम, फिर कभी नहीं लौटा लहसुन व्यापारी शिवम नामली सेमलिया रोड पर माता-पिता, बहन और छोटे भाई के साथ रहता था। छोटे भाई प्रदीप राठौड़ के मुताबिक, 12 जनवरी की सुबह रतलाम निवासी पराग शर्मा स्कूटी से शिवम को बुलाने घर आया। सुबह करीब 10.30 बजे थोड़ी देर में आने का कहकर शिवम पराग के पीछे बाइक से निकला। शाम करीब 4 बजे शिवम को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। 13 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे पुलिस का कॉल आया कि नामली ब्रिज के पास एक लाश मिली है। हम लोग पहुंचे तो वह शिवम की लाश थी। उसके दोनों हाथ पेट के ऊपर थे। शर्ट पर लाल निशान थे। पोस्टमॉर्टम के बाद हमलोग शव नामली लेकर रवाना हो गया। हमने थाने के बाहर धरना दे दिया। इसके बाद पुलिस ने अनुराग अग्रवाल, उसके छोटे बाई अभिजीत अग्रवाल, रतलाम निवासी महेश शर्मा (रिटायर्ड पुलिसकर्मी), उनके दो बेटे चंदन और पराग पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया। इसके बाद हमने शिवम का अंतिम संस्कार किया। उधर, पुलिस ने उसी दिन अनुराग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लोन के 4 लाख 80 हजार रुपए शिवम के खाते में जमा हुए भाई प्रदीप राठौड़ के मुताबिक, नामली के व्यापारी अनुराग अग्रवाल ने शिवम की मुलाकात रतलाम के पराग शर्मा से कराई थी। अनुराग के कहने पर ही शिवम पराग को अपनी फर्म के बिल देने और बैंक लोन में मदद करने के लिए तैयार हुआ था। 11 जनवरी को पराग शर्मा ने शिवम की फर्म के बिलों का उपयोग कर बैंक से व्यापारिक लोन लिया। इस प्रक्रिया के कारण 4.80 लाख रुपए सीधे शिवम के बैंक खाते में जमा हुए। इसी दिन शिवम ने लोन की कुल राशि में से 2 लाख रुपए यूपीआई के जरिए पराग शर्मा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शिवम ने पराग से वादा किया कि बची हुई राशि वह अगले दिन देगा। पैसे रुकने की बात पराग शर्मा को रास नहीं आई, इसलिए 12 फरवरी की सुबह करीब 10:30 बजे पराग अपनी स्कूटी से नामली स्थित शिवम के घर पहुंचा। उसने शिवम पर साथ चलने का दबाव बनाया। शिवम अपनी बाइक से पराग की स्कूटी के पीछे-पीछे घर से निकला। घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में शिवम आखिरी बार पराग के साथ जाते हुए दिखाई दिया, जिसके बाद वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। रतलाम के तीनों लोग दिनभर नामली में रहे शिवम के छोटे भाई प्रदीप के अनुसार- रात करीब 10 बजे पराग अपने पिता महेश शर्मा, भाई चंदन शर्मा और व्यापारी अनुराग के साथ घर आया। शिवम के बारे में पूछा तो हमने कहा- वो तो सुबह तुम्हारे साथ ही गया था। इस पर पराग ने कहा- वह साथ तो निकला, लेकिन नामली के आगे चकमा देकर कहीं निकल गया। प्रदीप के अनुसार, वे दो गाड़ियों से आए थे, रात 12 बजे तक वह गोदाम पर बैठे रहे। उन्होंने धमकाया कि शिवम आए तो उसे कह देना कि हमारे रुपए दे दे, नहीं तो अंजाम भुगतना होगा। यह सबकुछ सीसीटीवी में भी कैद हुआ है। अनुराग के साथ व्यापार करते थे- भाई प्रदीप ने बताया कि हम नामली के व्यापारी अनुराग व अभिजीत के साथ व्यापार करते थे। मैं भाई का कामकाज देखता था। अनुराग ने भाई के खाते में 4.80 लाख का पेमेंट जमा कराया था। आधा पेमेंट वापस कर दिया था। रुपए निकालने के लिए ब्लैंक चेक भी दिया था। प्रदीप का आरोप है कि रतलाम के चंदन शर्मा पर पहले मर्डर का भी आरोप लग चुका है। सुबह जब भाई का मर्डर हो गया, तब ये लोग बैंक में पेमेंट के लिए चेक लेकर पहुंचे। बैंक ने आधार कार्ड मांगा, तब वहां से चेक वापस लेकर भाग गए। पुलिस ने पहले ही दिन अनुराग को पकड़ लिया था। बाद में पराग को भी गिरफ्त में ले लिया। दोनों से रिमांड लेकर पूछताछ करते तो कहानी सामने आ जाती, लेकिन राजनीतिक दबाव में ऐसा नहीं किया। भाई की हत्या हुई है, उसे टॉर्चर किया गया। मैंने कहा- जो भी लेन-देन होगा, बैठकर बात कर लेंगे। उन्होंने एक नहीं सुनी और धमकाते हुए गाली-गलौज की। मेरा बेटा ऐसा नहीं कर सकता- मां दैनिक भास्कर की टीम शिवम के घर पहुंची। यहां मां कलावती अपने जवान बेटे की तस्वीर के पास बैठी थीं। बेटे के बारे में पूछा तो उनकी आंखें भीग गईं। मां ने कहा- बेटा सुबह उठकर तैयार हुआ और दूध पिया। मैंने उसके लिए पोहे बनाए। उसी समय पराग शर्मा आ गया। बेटे के बारे में पूछा। फिर बेटा उसके साथ अपनी बाइक से निकल गया। मैंने कहा- पोहे तो खा ले बेटा, उसने कहा- मां आकर खाऊंगा। शाम करीब 4 बजे उसे फोन लगाया तो बंद आया। उसके पापा ने आकर पूछा कि शिवम ने खाना खाया। हमने कहा- घर नहीं आया तो, उन्होंने ने भी फोन लगाया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। पुलिस ने परिवार को सुसाइड नोट नहीं दिखाया- पिता पिता कन्हैयालाल राठौड़ अब तक की पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। कहते हैं- पुलिस उन लोगों को पकड़ नहीं पाई। बेटे का कभी किसी से विवाद हुआ, ऐसा नहीं सुना। न उसने कभी ऐसा कुछ बताया। सुसाइड नोट भी मिला है, लेकिन पुलिस ने उसे अपने पास रख लिया। मेरा बेटा ऐसा नहीं कर सकता, उसके साथ जरूर कुछ हुआ है। वह एक मजबूत इंसान था। मैं नामली के अनुराग व उसके छोटे भाई को जानता था। मुझे लगा कि वह व्यापार के सिलसिले में आए हैं। लेन-देन करते रहते हैं, इसलिए उनके पास मैं नहीं गया, जो रतलाम के लोग आए थे, उन्हें मैं व बेटा भी नहीं जानते। काकी मंगला राठौड़ का कहना है कि हम पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस एक ही रट लगाकर बैठी है कि सुसाइड किया है, अगर वह किसी प्रकार की दवा खाता तो उसके पास से बदबू आती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। समाज के बेटे के साथ अनहोनी हुई- अध्यक्ष राठौड़ समाज अध्यक्ष संजय राठौड़ (चौहान) का कहना है कि पूरे समाज को आशंका है कि शिवम के साथ कोई अनहोनी हुई है। इसकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए। 12 फरवरी को मंडी गया, रात में दोस्त के यहां रुका पुलिस की मानें तो शिवम 12 फरवरी को अपने एक दोस्त पप्पू के साथ रतलाम लहसुन मंडी आया था। यहां पर उसने लहुसन का व्यापार किया। इसके बाद वह नामली में ही दोस्त के खेत पर रात में रुका। दोस्त को कहा था कि किसी को मत बताना कि वह यहां रुका है। पुलिस ने जब शिवम के मोबाइल की सीडीआर निकाली तो नामली के एक व्यापारी से आखिरी कॉल की जानकारी मिली। व्यापारी ने पूछताछ में बताया कि शिवम ने रुपए की जरूरत होने पर उधार मांगे थे। मैंने पहले से उधार होने का हवाला देते हुए मना कर दिया था। अगले दिन सुबह उसका शव मिला। पुलिस ने बैंक से अकाउंट से जुड़ी डिटेल मांगी पुलिस ने बैंक से भी अकाउंट से जुड़ी डिटेल मांगी। इसमें पता चला कि 13 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे शिवम का शव मिला था। इसके करीब एक घंटे बाद नामली स्थित सरकारी बैंक में पराग शर्मा ने शिवम के नाम का 5 लाख रुपए का चेक पेमेंट के लिए लगाया था। बैंक से शिवम का आधार कार्ड मांगा गया, जो कि पराग के पास नहीं था। इस पर पराग आधार कार्ड लेकर आने की बात कहकर चेक लेकर वहां से निकल गया। वह बैंक से बाहर आया तो उसे पता चला कि शिवम का शव मिला है। इसके बाद रतलाम निवासी महेश शर्मा अपने दोनों बेटे चंदन शर्मा व पराग शर्मा के साथ फरार हो गया। 12 फरवरी को शिवम के मोबाइल से 19 कॉल हुए जांच में यह भी सामने आया है कि शिवम पर कुछ कर्ज था। 12 फरवरी को शिवम के मोबाइल से 19 कॉल किए गए, जिसमें रुपए लेन-देन को लेकर चर्चा हुई थी। इन 19 लोगों में पराग व अनुराग से भी बात हुई थी। बैंक से यह भी जानकारी मिली कि शिवम ने एक व्यापारी को 45 हजार और दूसरे व्यापारी के खाते में 2.34 लाख ट्रांसफर किए थे। महेश शर्मा, चंदन शर्मा व पराग शर्मा भी मंडी में व्यापार करते हैं, हालांकि, परिवार जन किसी भी प्रकार से कर्ज होने की बात से मना कर रहे हैं। हिसाब की पर्ची पर लिखा सुसाइड नोट पुलिस को शिवम की जेब से हिसाब पर्ची पर लिखा सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा था अभी और जीना था। पुलिस ने मृतक के व्यापार से जुड़े हिसाब-किताब के रजिस्टर व सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान किया है। जांच के लिए एक्सपर्ट को भेजा है। चंदन शर्मा कांग्रेस नेत्री पर गोली चलाने का आरोपी चंदन शर्मा रतलाम में कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी के ऊपर गोली चलाने का भी आरोपी है। चंदन शर्मा के पिता महेश शर्मा रिटायर्ड पुलिसकर्मी हैं। भाई पराग शर्मा है। मृतक के परिजनों ने इन लोगों को संगठन विशेष से जुड़ा बताया है। चंदन की पत्नी भाजपा नेत्री है। शिवम का मोबाइल अब भी गायब पुलिस को शिवम का मोबाइल भी नहीं मिला है। पुलिस को आशंका है कि शिवम ने अपना मोबाइल कहीं फेक दिया है, जिस स्थान पर शव मिला था। वहां आसपास के खेतों में पानी भरा हुआ था। संभवत: मिट्‌टी में फोन दब गया होगा। बीडीसीएस टीम से भी मोबाइल तलाश कराया गया, लेकिन नहीं मिला। पुलिस के अनुसार खेत सूखने पर बीडीएस की टीम को दोबारा बुलाकर तलाश किया जाएगा। दो दिन बाद कीटनाशक दवा की शीशी मिली एसपी अमित कुमार भी शव मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे। दो दिन बाद जांच टीम को मौके पर कीटनाशक दवा की शीशी मिली थी। जिस जगह शव मिला था, वहा पर उल्टी होने की बात भी जांच में सामने आई है। यहां तक जो लाल निशान की बात कही जा रही है, वह संभवत: वह लहसुन में जो दवा उपयोग की जाती है, वह हो सकती है, क्योंकि वह लाल होती है। टीआई गायत्री सोनी के मुताबिक, शुरुआती जांच से लगता है कि शिवम ने खेत से 500 मीटर दूर चलते हुए कीटनाशक दवा का सेवन किया है। इससे वह बेसुध होकर गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई है। पीएम रिपोर्ट में लाल कीटनाशक पीने से मौत होना सामने आया है। विसरा जांच भी कराई गई है। अभी रिपोर्ट आना बाकी है। फरार तीन आरोपियों पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है। ………………… संबंधित खबर पढ़ें…
लहसुन व्यापारी का शव मिला, 5 पर FIR: परिजनों ने थाने के सामने बॉडी रखी; रुपए के लेन-देन मामले में हत्या का आरोप रतलाम जिले के नामली में शुक्रवार सुबह रेलवे ब्रिज के पास 27 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध हालात में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक एक दिन पहले से घर से लापता था। हत्या की आशंका जताते हुए पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने दोपहर में शव को नामली थाने के बाहर रखकर आक्रोश जताया। पूरी खबर पढ़ें

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *